राज्य सरकार का बड़ा फैसला : शहीद ASP आकाश राव गिरपूंजे की पत्नी स्नेहा गिरपूंजे होंगी डीएसपी नियुक्त, कैबिनेट ने दी मंजूरी

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मंत्रालय महानदी भवन में हुई कैबिनेट बैठक में मंगलवार को राज्य सरकार ने शहादत को सम्मान देने का बड़ा निर्णय लिया। मंत्रिपरिषद ने सुकमा जिले में 9 जून 2025 को नक्सल विरोधी अभियान के दौरान हुए बम विस्फोट में शहीद अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आकाश राव गिरपूंजे की वीरता और बलिदान को नमन करते हुए उनकी पत्नी स्नेहा गिरपूंजे को विशेष प्रकरण मानते हुए राज्य पुलिस सेवा में डीएसपी पद पर अनुकंपा नियुक्ति देने का निर्णय लिया।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने बैठक में कहा —

“राज्य सरकार शहीदों के परिवारों के साथ हमेशा खड़ी है। आकाश राव गिरपूंजे जैसे जांबाज अफसरों की शहादत ही छत्तीसगढ़ को नक्सलवाद से मुक्त कराने की दिशा में मजबूत आधार है। उनकी बहादुरी और बलिदान आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करते रहेंगे।”

आकाश राव गिरपूंजे 2013 बैच के राज्य पुलिस सेवा के अफसर थे। पहली पोस्टिंग से ही उन्होंने नक्सल प्रभावित इलाकों में डटकर सेवा दी। मानपुर और पाटन में एसडीओपी रहते हुए उन्होंने कई सफल अभियान चलाए और अदम्य साहस के लिए वीरता पदक भी प्राप्त किया। रायपुर पश्चिम और महासमुंद में एडिश्नल एसपी रहते हुए भी उनकी कार्यकुशलता की सराहना की गई। वर्ष 2024 के विधानसभा चुनाव के बाद उन्हें कोंटा में एडिश्नल एसपी बनाया गया, जहां ऑपरेशन के दौरान IED विस्फोट में वे वीरगति को प्राप्त हुए।

SDOP मानपुर व पाटन रह चुके थे

SDOP के तौर पर उनकी पहली पोस्टिंग नक्सल प्रभावित मानपुर में हुई। मानपुर में एसडीओपी रहते हुए नक्सलियों के खिलाफ अदम्य साहस के लिए आकाश राव गिरपुंजे को वीरता पदक से भी सम्मानित किया गया था। मानपुर के बाद आकाश राव का तबादला पाटन में SDOP के तौर पर हुआ। यहां भी उन्होंने काफी शानदार काम किया।

राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि शहीद जवानों और अधिकारियों के परिवारों की देखभाल करना सरकार की नैतिक और मानवीय जिम्मेदारी है। सरकार की नीति है कि बलिदान को व्यर्थ न जाने दिया जाए और उनके परिजनों को सम्मानजनक जीवन मिले।

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