रायपुर। राजस्व विभाग में लंबित मामलों की बढ़ती संख्या को लेकर छत्तीसगढ़ के राजस्व मंत्री टंकराम वर्मा ने कड़ा रुख अपनाया है। मंत्रालय में आयोजित समीक्षा बैठक में वर्मा ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा कि यदि राजस्व प्रकरणों का समय-सीमा में निराकरण नहीं हुआ तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि पदोन्नति प्राप्त कर चुके अफसरों को तत्काल भारमुक्त कर नया दायित्व सौंपा जाए।
डेढ़ लाख से ज्यादा मामले लंबित
राज्यभर में राजस्व विभाग से जुड़े 1.5 लाख से अधिक प्रकरण लंबित हैं, जिनमें से 82,274 मामले तय समयसीमा के भीतर जबकि 67,205 मामले समयसीमा के बाहर हैं। सीमांकन से जुड़े 9,080 प्रकरण भी पेंडिंग हैं, जिनमें से 1,871 पुराने हैं। राजधानी रायपुर में ही सबसे ज्यादा 11,000 से अधिक प्रकरण लंबित हैं, जबकि सरगुजा, रायगढ़ और महासमुंद जैसे जिलों में भी हजारों मामले अटके हुए हैं।
सुशासन तिहार में झलकी जनता की नाराजगी
हाल ही में आयोजित सुशासन तिहार के दौरान 3.52 लाख से अधिक आवेदन राजस्व विभाग से संबंधित प्राप्त हुए, जिसमें सीमांकन, बटवारा, नामांतरण, अवैध कब्जे और पटवारी-तहसीलदारों की कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर शिकायतें शामिल थीं। इस पर नाराजगी जताते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय पहले ही राजस्व न्यायालय हफ्ते में दो दिन चलाने और नामांतरण मामलों में सख्ती के निर्देश दे चुके हैं।
आधुनिक तकनीकों को अपनाने के निर्देश
बैठक में मंत्री वर्मा ने डिजिटल भू-अभिलेख, ई-गिरदावरी, ड्रोन सर्वे, स्वामित्व योजना, नक्शा परियोजना और त्रिवर्षीय भू-सर्वेक्षण कार्यक्रम की प्रगति की भी समीक्षा की। उन्होंने अफसरों से कहा कि जनता को त्वरित और प्रभावी सेवाएं देना सरकार की प्राथमिकता है, और इसके लिए आधुनिक तकनीकों का प्रयोग अनिवार्य है।
प्राकृतिक आपदाओं पर भी चर्चा
बैठक में आकाशीय बिजली, बाढ़ और अन्य प्राकृतिक आपदाओं से सुरक्षा के उपायों की समीक्षा की गई। साथ ही पुनर्वास प्राधिकरण, भूमि अधिग्रहण, रिकॉर्ड रूम की स्थापना और बजट व्यय की स्थिति पर भी विचार-विमर्श हुआ।