दुर्ग। 37 छत्तीसगढ़ बटालियन एनसीसी, दुर्ग द्वारा आयोजित दस दिवसीय वार्षिक प्रशिक्षण शिविर का समापन उत्साह और अनुशासन के साथ हुआ। इस शिविर में कुल 133 एनसीसी कैडेट्स ने भाग लिया और उन्हें सेना भर्ती, करियर मार्गदर्शन, अनुशासन और सेवा भावना से जुड़ी विभिन्न जानकारियाँ दी गईं।
शिविर का संचालन कैंप कमांडेंट कर्नल प्रेमजीत, डिप्टी कैंप कमांडेंट स्क्वाड्रन लीडर एम. जर्रार तथा सू. मे. थानेश्वर गुरुंग के निर्देशन में हुआ। सेना भर्ती कार्यालय, रायपुर से आए सूबेदार रूबेश कुमार, हवलदार अमित, और नायक रूप सिंह ने कैडेट्स को अग्निवीर भर्ती प्रक्रिया एवं सेना में स्थाई नियुक्तियों की जानकारी दी। शिविर के दौरान रायपुर ग्रुप कमांडर ब्रिगेडियर डीके पात्रा ने विशेष दौरा किया। इस अवसर पर सीनियर एसयूओ सत्यम के नेतृत्व में 8 कैडेट्स ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया, जिनका प्रशिक्षण सीएचएम अमृत थापा द्वारा किया गया था।
ब्रिगेडियर पात्रा ने कैडेट्स को प्रेरक संबोधन देते हुए कहा कि आप जीवन में हार न मानें। सफलता अंतिम नहीं होती, और असफलता कभी प्रारंभ नहीं होती। खुद से एक सवाल पूछिए – ‘क्यों?’ – यही शब्द आपके जीवन में चमत्कार ला सकता है,उन्होंने भाषाई दक्षता पर बल देते हुए हिन्दी, अंग्रेजी, मातृभाषा के अतिरिक्त एक और भाषा सीखने की सलाह दी। साथ ही, जीवन में एक ऐसी आदत अपनाने को कहा जो व्यक्ति की अपनी हो – सिर्फ अपने विकास के लिए।
शिविर के अंतिम दिन प्राचार्य शंकर प्रसाद (पीएमश्री नवोदय विद्यालय, बोरई) को स्मृति चिन्ह भेंट किया गया। इसके साथ ही, थल सैनिक शिविर के लिए चयनित 64 कैडेट्स की लिखित परीक्षा सू. एस.आर. कुजूर और राबिन पौडेल के निर्देशन में आयोजित की गई।
रक्तदान कर दिया सेवा भाव का परिचय
विश्व रक्तदाता दिवस के अवसर पर एनसीसी कैडेट्स ने जिले के जिला चिकित्सालय के ब्लड बैंक में 30 से अधिक यूनिट रक्तदान किया। इस दौरान कैप्टन सीके साहू, एएनओ संतोष मिश्रा, संतोष यादव, और ए.के. सिंह उपस्थित रहे।