
रायपुर/अंबिकापुर। सीतापुर में नायब तहसीलदार और विधायक के बीच हुए विवाद ने अब प्रदेशव्यापी राजनीतिक और प्रशासनिक बहस का रूप ले लिया है। मामले में नया मोड़ तब आया जब विवाद के केंद्र में रहे नायब तहसीलदार तुषार मानिक ने स्वयं और विधायक रामकुमार टोप्पो का नार्को टेस्ट कराने की मांग कर दी। जवाब में विधायक ने भी किसी भी प्रकार की जांच के लिए अपनी सहमति जताते हुए कहा है कि उन्हें जांच से कोई परहेज नहीं है।
अंबिकापुर में मीडिया से चर्चा के दौरान तुषार मानिक ने कहा कि पूरे मामले की सच्चाई सामने लाने के लिए उनका और विधायक का नार्को टेस्ट कराया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि परीक्षण मीडिया की उपस्थिति में हो ताकि जनता के सामने सच्चाई स्पष्ट हो सके। मानिक ने यह भी कहा कि जब तक मामले में उचित कार्रवाई नहीं होगी, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
वहीं भाजपा विधायक रामकुमार टोप्पो ने भी नार्को टेस्ट सहित किसी भी जांच में सहयोग करने की बात कही है। उन्होंने कहा कि यदि जांच एजेंसियां आवश्यक समझें तो वे पूरी तरह सहयोग के लिए तैयार हैं।
इधर घटना के विरोध में प्रदेशभर के तहसीलदार, नायब तहसीलदार और एसडीएम संगठनों ने आंदोलन का मोर्चा खोल दिया है। कई जिलों में राजस्व कार्यालयों का कामकाज प्रभावित हुआ है, जिससे नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन और प्रमाण पत्र जैसे कार्यों में देरी होने लगी है। आम लोगों को भी इसका असर झेलना पड़ रहा है।
मामले को लेकर तहसीलदार संघ के प्रतिनिधिमंडल ने रायपुर में राजस्व मंत्री टंक राम वर्मा से मुलाकात कर अपनी मांगें रखीं। वहीं राजस्व विभाग की सचिव के साथ भी अधिकारियों की बैठक हुई, जिसमें विवाद और आंदोलन को समाप्त करने के संभावित समाधान पर चर्चा की गई।
राजस्व मंत्री ने कहा कि सरकार पूरे मामले पर गंभीरता से नजर रखे हुए है और सचिव स्तर पर लगातार संवाद जारी है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सभी पक्षों के साथ न्याय करते हुए जल्द ही समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा।
गौरतलब है कि सीतापुर में नायब तहसीलदार तुषार मानिक के साथ कथित मारपीट और अभद्रता के आरोपों के बाद प्रशासनिक अधिकारियों में भारी नाराजगी है। इसी के चलते राजस्व अधिकारियों ने आंदोलन का रास्ता अपनाया है। अब पूरे प्रदेश की नजरें सरकार के अगले कदम, पुलिस जांच और संभावित कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।