अमरकंटक/रायपुर। सावन माह के द्वितीय सोमवार को पंडरिया विधायक भावना बोहरा ने अमरकंटक स्थित मां नर्मदा मंदिर में पूजा-अर्चना कर 151 किलोमीटर लंबी कांवड़ पदयात्रा का शुभारंभ किया। मां नर्मदा और नर्मदेश्वर महादेव का विधिवत पूजन कर उन्होंने छत्तीसगढ़ की सुख-समृद्धि, शांति, खुशहाली और निरंतर प्रगति की कामना की। अमरकंटक से यात्रा शुरू होते ही ‘हर-हर महादेव’ और ‘बोल बम’ के जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा। विधायक भावना बोहरा के साथ 600 से अधिक कांवड़ यात्री इस पदयात्रा में शामिल हुए। यात्रा 10 अगस्त से 16 अगस्त तक चलेगी और जलेश्वर महादेव डोंगरिया तथा भोरमदेव मंदिर में भगवान भोलेनाथ के जलाभिषेक के साथ इसका समापन होगा। अमरकंटक से भोरमदेव तक यह पदयात्रा घने जंगलों, दुर्गम पगडंडियों और प्राकृतिक मार्गों से होकर गुजरेगी।
मूल धर्म में लौटे बैगा समाज के लोग भी बने सहभागी
इस कांवड़ यात्रा की विशेष बात यह रही कि भावना बोहरा की पहल से अपने मूल धर्म में वापसी करने वाले वनांचल क्षेत्र के 15 बैगा आदिवासी समाज के लोग भी यात्रा में सहभागी बने। श्रद्धालुओं ने इसे सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक जागरण का प्रतीक बताया।
पहले दिन लमनी पहुंचेगी यात्रा
यात्रा के पहले दिन का मार्ग मां नर्मदा मंदिर से गणेश मंदिर पहाड़, आमडोल और खपरा खोल होते हुए लमनी तक निर्धारित किया गया है। प्राकृतिक सौंदर्य और वनांचल क्षेत्र के बीच से गुजरने वाली इस यात्रा में श्रद्धालु पूरे उत्साह और अनुशासन के साथ आगे बढ़ रहे हैं।
भजन संध्या में भी शामिल हुईं विधायक
यात्रा के शुभारंभ से एक दिन पहले भावना बोहरा ने अमरकंटक के मेला मैदान में कबीरधाम जिले से पहुंचे कांवड़ यात्रियों से मुलाकात की। उन्होंने श्रद्धालुओं को स्वयं भोजन परोसा और भजन संध्या में भी भाग लिया।
श्रद्धा, सेवा और संस्कृति से जोड़ने का संदेश
भावना बोहरा ने कहा कि यह यात्रा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि मां नर्मदा और भगवान भोलेनाथ के प्रति श्रद्धा, कृतज्ञता और सेवा-भाव का संकल्प है। उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा आस्था, तपस्या, अनुशासन और समर्पण का प्रतीक है तथा इसका उद्देश्य नई पीढ़ी को सनातन संस्कृति, धार्मिक परंपराओं और प्रकृति से जोड़ना है। यात्रा में विधायक गोमती साय, सुशांत शुक्ला, दीपेश साहू सहित भाजपा पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, समाज प्रमुख और बड़ी संख्या में शिवभक्त उपस्थित रहे।