पाटन ब्लॉक में “मोर गांव मोर पानी अभियान” की शुरुआत, सांसद बघेल बोले– जल ही जीवन है, इसे बचाना हम सबकी जिम्मेदारी

पाटन। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा प्रारंभ किए गए “मोर गांव मोर पानी महाअभियान” की पाटन ब्लॉक में शुरुआत बटरेल समाधान शिविर से हुई, जहाँ सांसद विजय बघेल ने जनसमूह को जल संरक्षण की शपथ दिलाई। उन्होंने संकल्प दिलाते हुए कहा, “एकेच गोठ, एकेच बानी – बूँद-बूँद बचाबो पानी।” यह महाअभियान दुर्ग जिले की सभी ग्राम पंचायतों में जनसहभागिता से चलाया जा रहा है। बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने भाग लेकर इस अभियान को समर्थन दिया। कार्यक्रम में पूर्व विधायक डॉ दयाराम साहू,नीलम राजेश चंद्राकर (जिला पंचायत सदस्य), कल्पना नारद साहू (जिला पंचायत सदस्य), एवं कीर्त नायक (अध्यक्ष, जनपद पंचायत पाटन) सहित अन्य जनप्रतिनिधियों की भी उपस्थिति रही।

“हर खेत में पानी, हर घर में खुशहाली” का नारा देते हुए सांसद बघेल ने जल संरक्षण के महत्व पर बल दिया। उन्होंने कहा कि यदि आज हमने जल बचाने के उपाय नहीं किए, तो आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ जल के लिए संघर्ष करना पड़ेगा। जल स्तर को बनाए रखने के लिए हमें पारंपरिक जल स्रोतों को पुनर्जीवित करना होगा। जल ही जीवन है, यह संदेश लेकर चल रहे इस अभियान के अंतर्गत, वर्षा ऋतु से पहले तालाबों की सफाई, नए जल स्रोतों का निर्माण और जल संग्रहण की संरचनाओं पर विशेष बल दिया जा रहा है। सांसद ने ग्रामीणों से परंपरागत जल स्रोतों के संरक्षण एवं उन्नयन की अपील की और बताया कि इससे भूजल स्तर में वृद्धि संभव होगी।

अधिकारियों ने बताया कि इस महाअभियान के अंतर्गत महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के माध्यम से व्यापक स्तर पर जल संरक्षण संबंधी कार्य किए जा रहे हैं जिसमें नए तालाबों का निर्माण,पुराने तालाबों का गहरीकरण,नदी-नालों की सफाई एवं पुनरुद्धार,अमृत सरोवर निर्माण,डबरी निर्माण,वर्षा जल संचयन हेतु रिचार्ज पिट्स का निर्माण इन प्रयासों से दोहरी उपलब्धि मिल रही है – जल संरक्षण की दिशा में परिसंपत्तियों का निर्माण और ग्रामीणों को रोजगार उपलब्ध कराना। सांसद बघेल ने समाज से आग्रह किया कि “मोर गांव मोर पानी महाअभियान” को हर नागरिक अपनी सामाजिक जिम्मेदारी समझते हुए अपनाए और सहभागी बने।

इस अभियान को गति देने के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, मंत्रिमंडल के सदस्य, पंचायत प्रतिनिधि, महिला स्व-सहायता समूहों की दीदियाँ और जल संचयन वाहिनी के सदस्य गांव-गांव तक पहुँच बना रहे हैं। श्रमदान के माध्यम से सोखता गड्ढों का निर्माण भी किया जा रहा है, जिससे जल का पुनर्भरण हो सके।

जिला पंचायत दुर्ग के मुख्य कार्यपालन अधिकारी बजरंग कुमार दुबे ने आमजन से अपील करते हुए कहा कि जल ही हमारे भविष्य की नींव है। उन्होंने बताया कि जिले के सभी ग्रामों में वॉटर हार्वेस्टिंग संरचनाओं के निर्माण के लिए प्रेरित किया जा रहा है। दीवार लेखन, जल जागरूकता रैली और ग्राम सभाओं के माध्यम से “मोर गांव मोर पानी” महाअभियान का संदेश जन-जन तक पहुँचाया जा रहा है।

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