रायपुर। ग्राम गोमची (नंदनवन के पास) स्थित मां गोदावरी आनंद वृद्धाश्रम में सेवा और मानवीय संवेदना का अद्भुत उदाहरण उस समय देखने को मिला, जब दुर्ग सांसद विजय बघेल अपनी धर्मपत्नी रजनी बघेल के साथ आश्रम पहुंचे। उन्होंने वहां निवासरत वृद्धजनों से आत्मीय मुलाकात की, हालचाल जाना और अपने हाथों से प्रेमपूर्वक भोजन परोसा, साथ ही उनके साथ बैठकर भोजन भी किया।
उल्लेखनीय है कि यह वृद्धाश्रम गोदावरी सेवा ट्रस्ट द्वारा संचालित है, जिसकी प्रेरणास्रोत व संचालिका कल्पना योगेश तिवारी हैं। ट्रस्ट द्वारा तारा संस्थान, उदयपुर एवं हीरा सीएसआर फाउंडेशन के सहयोग से यहां नि:शुल्क आवास, भोजन, दवाई, वस्त्र आदि की संपूर्ण व्यवस्था की गई है। वर्तमान में यहां 35 महिलाएं व 42 पुरुष निवासरत हैं, जिनकी सेवा के लिए 35 कर्मचारी 24 घंटे समर्पित रहते हैं। किसी भी आपात स्थिति में रायपुर एक निजी अस्पताल में नि:शुल्क उपचार की सुविधा भी उपलब्ध है।
सांसद बघेल के आगमन से आश्रम का माहौल भावनात्मक और आत्मीयता से भर गया। बुजुर्गों के चेहरों पर मुस्कान लौट आई। कुछ वृद्धजनों ने भावुक होकर अपनी व्यथा साझा करते हुए कहा—कभी हमारा भी परिवार था, अच्छे दिन थे… पर अब अपने ही बच्चों ने हमें ठुकरा दिया। यह आश्रम ही अब हमारा घर है।
कल्पना योगेश तिवारी ने बताया कि उन्होंने इस वृद्धाश्रम की शुरुआत अपने माता-पिता की स्मृति में की थी। यह आयोजन डॉ. खुबचंद बघेल जी की 125वीं जयंती के अवसर पर संपन्न हुआ, जिसमें सांसद विजय बघेल और उनकी धर्मपत्नी ने भोजन की विशेष व्यवस्था की।
इस अवसर पर सांसद विजय बघेल ने भावुक होकर कहा—मैं आप सबका बेटा बनकर बार-बार आता रहूंगा। आप अकेले नहीं हैं। उन्होंने बुजुर्गों के आंसू पोंछकर अपनत्व और सम्मान का भाव उनके हृदय में पुनः जागृत किया। यह आयोजन न केवल सेवा भावना का प्रतीक बना, बल्कि समाज को संवेदनशीलता और बुजुर्गों के प्रति कर्तव्यबोध की प्रेरणा भी देता है।