नारायणपुर। विष्णुदेव साय सरकार के नेतृत्व में नक्सलवाद के खिलाफ अभियान तेज हो गया है। जिले के अबूझमाड़ क्षेत्र के पांगुड़ गांव में 29 अप्रैल 2025 को बीएसएफ की 129वीं बटालियन का नया सुरक्षा कैंप स्थापित किया गया। यह पिछले एक साल में खोला गया 14वां सुरक्षा कैंप है। इस कदम से न केवल क्षेत्र में सुरक्षा की भावना मजबूत हुई है बल्कि विकास कार्यों को भी नई रफ्तार मिली है।
नियद नेल्लानार योजना और लोन वर्राटू योजना के तहत सरकार नक्सल प्रभावित इलाकों में लगातार काम कर रही है। सुरक्षा बलों की उपस्थिति से पांगुड़ और सोनपुर जैसे दुर्गम इलाकों में विकास की रोशनी पहुंच रही है। कैंप के खुलने से लोगों में विश्वास और सुरक्षा की भावना जगी है।
बीएसएफ और पुलिस के संयुक्त प्रयास से एक दिवसीय जन सुविधा कैंप का आयोजन किया गया, जिसमें 200 से अधिक ग्रामीण शामिल हुए। कमांडेंट संजय सिंह, डिप्टी कमांडेंट सुधीर द्विवेदी, एसडीओपी लोकेश बंसल और डीएसपी कुलदीप बंजारे ने ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं। ग्रामीणों ने बताया कि पहले नक्सलियों के डर से वे अपनी समस्याएं व्यक्त नहीं कर पाते थे। अब फोर्स की उपस्थिति से वे खुलकर अपनी बात रख पा रहे हैं।
कैंप के जरिए ग्रामीणों को दैनिक उपयोग की सामग्री वितरित की गई। बच्चों को चॉकलेट बांटकर शिक्षा के प्रति जागरूक किया गया और पालकों को बच्चों को स्कूल भेजने के लिए प्रेरित किया गया। वहीं बिजली, पानी, सड़क और स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भी ग्रामीणों ने सुरक्षा अधिकारियों से चर्चा की।
नया सुरक्षा कैंप बनने के बाद नारायणपुर से सितरम और बेठिया तक सड़क मार्ग का विस्तार हो रहा है। नारायणपुर से सितरम की दूरी अब महज 6 किलोमीटर रह गई है, जिससे आवागमन और विकास की संभावनाएं और मजबूत हुई हैं। सुरक्षा बलों की इस नई पहल से नक्सल गतिविधियों पर अंकुश लगा है और नक्सल उन्मूलन अभियान को नई गति मिली है।
बस्तर आईजी सुंदरराज पी और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की अहम भूमिका से पांगुड़ में सुरक्षा कैंप की स्थापना को एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है। इससे इलाके के लोगों के जीवन में सुरक्षा, विश्वास और विकास की नई किरण जगी है।