
रायपुर, 30 जुलाई। छत्तीसगढ़ में शिक्षक भर्ती प्रक्रिया एक बार फिर विवादों में घिर गई है। लोक शिक्षण संचालनालय (डीपीआई) द्वारा 28 जुलाई 2026 को जारी 1654 शिक्षक पदों के विज्ञापन में व्यायाम शिक्षक (पीटीआई/खेल शिक्षक) के 154 पद शामिल नहीं किए जाने पर बीपीएड और एमपीएड योग्यताधारी अभ्यर्थियों ने गुरुवार को रायपुर में विरोध प्रदर्शन किया। प्रशिक्षित व्यायाम शिक्षक संघ का आरोप है कि स्कूल शिक्षा विभाग ने वर्ष 2025 में 5000 पदों की भर्ती के लिए जो प्रस्ताव भेजा था, उसमें 154 व्यायाम शिक्षक पद स्पष्ट रूप से शामिल थे। संघ का कहना है कि वित्त विभाग की 14 अक्टूबर 2025 की नोटशीट में भी इन पदों का उल्लेख किया गया था और उन पर किसी प्रकार की आपत्ति दर्ज नहीं की गई थी।
वित्तीय मंजूरी के बाद भी पद गायब होने का आरोप
अभ्यर्थियों के अनुसार वित्त विभाग से मंजूरी मिलने के बाद संवर्गवार रोस्टर भी जारी किया जा चुका था। इसके बावजूद अंतिम भर्ती विज्ञापन में पीटीआई पदों को बिना किसी पूर्व सूचना के हटा दिया गया। संघ ने इसे शारीरिक शिक्षा के हितों के खिलाफ बताते हुए कहा कि इससे हजारों प्रशिक्षित युवाओं के रोजगार के अवसर प्रभावित हुए हैं।
संघ का कहना है कि कई अभ्यर्थी आयु सीमा के अंतिम चरण में पहुंच चुके हैं। यदि इस भर्ती में व्यायाम शिक्षक पद शामिल नहीं किए गए तो उन्हें भविष्य में स्थायी नुकसान उठाना पड़ सकता है।
शिक्षा मंत्री से मिलने पहुंचे अभ्यर्थी
मांगों को लेकर बड़ी संख्या में अभ्यर्थी शिक्षा मंत्री के सरकारी निवास पहुंचे। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि वे सरकार से इस विषय पर सीधा जवाब चाहते थे। इस दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को वहां से हटाया, जिससे मौके पर कुछ देर के लिए तनाव की स्थिति बन गई। अभ्यर्थियों ने आरोप लगाया कि उनकी बात सुनने के बजाय उन्हें खदेड़ा गया।
नोटशीट और विज्ञापन में अंतर
विवाद की जड़ वित्त विभाग की 14 अक्टूबर 2025 की नोटशीट को माना जा रहा है। इस दस्तावेज में 5000 पदों की भर्ती का प्रस्ताव दर्ज था, जिसमें 154 पीटीआई पद शामिल थे। उसी नोटशीट में केवल योग प्रशिक्षक और व्याख्याता (कम्प्यूटर) के 292 पदों पर यह कहते हुए आपत्ति जताई गई थी कि वे सृजित पद नहीं हैं। पीटीआई पदों पर ऐसी कोई आपत्ति नहीं थी। इसके विपरीत, 28 जुलाई 2026 को जारी डीपीआई के संक्षिप्त विज्ञापन में केवल 1654 शिक्षक पदों का उल्लेख है और व्यायाम शिक्षक पदों का कोई जिक्र नहीं किया गया है।
अलग विज्ञापन जारी करने की मांग
प्रशिक्षित व्यायाम शिक्षक संघ ने सरकार से मांग की है कि 154 पीटीआई पदों को तत्काल पुनः बहाल किया जाए और इनके लिए अलग से भर्ती विज्ञापन जारी किया जाए। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को प्रदेशव्यापी रूप दिया जाएगा।
सरकार की प्रतिक्रिया का इंतजार
फिलहाल स्कूल शिक्षा विभाग या राज्य सरकार की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी नहीं किया गया है। अभ्यर्थी यह जानना चाहते हैं कि वित्त विभाग की नोटशीट में शामिल 154 पीटीआई पद अंतिम भर्ती विज्ञापन से क्यों हटाए गए। मामले को लेकर अब सरकार के आधिकारिक पक्ष का इंतजार किया जा रहा है।