दंतेवाड़ा/बस्तर। कभी नक्सलवाद की छाया से पहचाने जाने वाला बस्तर अब तेजी से बदलती तस्वीर के साथ “बस्तर 2.0” की ओर बढ़ रहा है। विकास, शिक्षा और स्वास्थ्य के साथ अब खेल के क्षेत्र में भी बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। इस बदलाव को नई ऊर्जा देने के लिए ‘क्रिकेट के भगवान’ कहे जाने वाले Sachin Tendulkar का बस्तर दौरा खास महत्व रखता है। उनके आगमन के साथ दंतेवाड़ा जिले के छिंदनार गांव में आधुनिक मल्टी स्पोर्ट्स ग्राउंड का शुभारंभ किया जा रहा है। इस मैदान में 16 प्रकार के खेलों की सुविधाएं उपलब्ध होंगी, जिससे स्थानीय युवाओं को अपनी प्रतिभा निखारने और आगे बढ़ने का सुनहरा अवसर मिलेगा।
राज्य सरकार की पहल और Sachin Tendulkar Foundation के सहयोग से यह परियोजना बस्तर के युवाओं के लिए नई दिशा तय कर रही है। खेल के साथ-साथ शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी सकारात्मक बदलाव स्पष्ट नजर आ रहा है। मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai के नेतृत्व में बस्तर में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार तेजी से हो रहा है। बंद पड़े स्कूलों के खुलने, स्वास्थ्य सेवाओं के सुदूर इलाकों तक पहुंचने और प्रशासन की सक्रियता ने क्षेत्र की तस्वीर बदल दी है।
दौरे के दौरान सचिन तेंदुलकर जावंगा एजुकेशन सिटी में छात्रों से संवाद करेंगे और स्थानीय खिलाड़ियों से मुलाकात कर उनका उत्साहवर्धन करेंगे। वे छिंदनार के अलावा अन्य खेल परिसरों का निरीक्षण भी करेंगे, जिससे युवाओं को मार्गदर्शन और प्रेरणा मिल सके।
इस पहल की खास बात यह भी है कि प्रतिभाओं को पहचानने और प्रोत्साहित करने पर जोर दिया जा रहा है। दिव्यांग छात्र मड्डाराम से सचिन की मुलाकात इसका उदाहरण है, जो यह दर्शाता है कि बस्तर के हर कोने में छिपी प्रतिभा को मंच देने की कोशिश हो रही है। आज बस्तर की पहचान तेजी से बदल रही है—जहां कभी डर और संघर्ष की कहानियां थीं, वहीं अब खेल, शिक्षा और सपनों की नई उड़ान दिखाई दे रही है। सरकार और समाज के संयुक्त प्रयासों से बस्तर अब विकास और संभावनाओं की नई मिसाल बनता जा रहा है।