DSP कल्पना वर्मा–दीपक टंडन मामले में नया राजनीतिक मोड़,भाजपा नेता राधिका खेड़ा ने भूपेश बघेल और सौम्या चौरसिया से संबंधों की जांच की मांग की

रायपुर | डीएसपी कल्पना वर्मा और रायपुर के कारोबारी दीपक टंडन से जुड़े विवाद ने अब राजनीतिक रंग ले लिया है। कांग्रेस छोड़कर भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुईं भाजपा नेता राधिका खेड़ा ने इस मामले में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और उनकी तत्कालीन सचिव सौम्या चौरसिया की भूमिका की निष्पक्ष जांच की मांग की है। राधिका खेड़ा ने सवाल उठाया है कि दीपक टंडन कुछ ही वर्षों में एक छोटे व्यापारी से बड़ा कारोबारी कैसे बन गया। उन्होंने यह भी पूछा कि टंडन किसके कहने पर पूर्व सीएम की सचिव सौम्या चौरसिया से जेल में मिलने जाता था। राधिका का कहना है कि इन सभी पहलुओं की निष्पक्ष और स्वतंत्र जांच होनी चाहिए, ताकि पूरे मामले का सच जनता के सामने आ सके।
वायरल वीडियो से बढ़ा विवाद
इस बीच कारोबारी दीपक टंडन से जुड़ा एक पुराना वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो रायपुर स्थित होटल ‘वेलकम श्री’ का बताया जा रहा है, जिसमें कुछ लोग टंडन के साथ मारपीट करते नजर आ रहे हैं। वीडियो में उसे कपड़े उतरवाकर नग्न करने का दावा भी किया जा रहा है। जानकारी के अनुसार यह वीडियो कुछ साल पुराना है और लेन-देन के विवाद से जुड़ा बताया जा रहा है, जिसमें बकाया राशि को लेकर झगड़ा हुआ था।
DSP कल्पना वर्मा ‘लव ट्रैप’ मामला
डीएसपी कल्पना वर्मा जब 2021 में महासमुंद में पदस्थ थीं, उसी दौरान उनकी मुलाकात दीपक टंडन से हुई थी। दोनों की पहचान एक म्यूचुअल फ्रेंड के जरिए हुई, जिसके बाद मोबाइल नंबर का आदान-प्रदान हुआ। कुछ ही दिनों में बातचीत बढ़ी और रायपुर आने-जाने के दौरान मुलाकातें होने लगीं। साथ घूमने और शॉर्ट टूर पर जाने की बातें भी सामने आईं।
कारोबारी की शिकायत और पुलिस कार्रवाई
कारोबारी दीपक टंडन ने अक्टूबर माह में रायपुर के खम्हारडीह थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि डीएसपी कल्पना वर्मा और उनके परिजनों ने उससे पैसे, गाड़ी और जेवर लिए, लेकिन वापस नहीं किए। शुरुआत में पुलिस की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, जिसके बाद टंडन ने मीडिया के सामने मामला रखा। इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की, हालांकि लंबे समय तक आधिकारिक जानकारी देने से अधिकारी बचते रहे।
आरोपों पर DSP कल्पना वर्मा का पक्ष
डीएसपी कल्पना वर्मा ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि टंडन उन पर केस वापस लेने का दबाव बना रहा था। उन्होंने आरोप लगाया कि दबाव में न आने पर टंडन ने उनकी सोशल मीडिया से तस्वीरें उठाकर फर्जी चैट्स तैयार कीं और उन्हें मीडिया में वायरल किया। वायरल वीडियो को लेकर उन्होंने कहा कि वह केवल बकाया रकम लेने होटल गई थीं और मामले में वह कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई कर रही हैं।
कारोबारी पर कानूनी शिकंजा
दीपक टंडन के खिलाफ हाल ही में कोरबा कोर्ट ने गिरफ्तारी वारंट जारी किया है। इसके अलावा सक्ती जिले के एक व्यापारी ने भी उस पर 15 लाख रुपए की ठगी का आरोप लगाया है। रायपुर में भी वर्ष 2018 में टंडन के खिलाफ एफआईआर दर्ज हो चुकी है। पीड़ितों का आरोप है कि टंडन खुद को बड़े नेताओं का करीबी बताकर लोगों को झांसे में लेता था और कोयला कारोबार, सरकारी नौकरी और ट्रांसपोर्ट के ठेके दिलाने के नाम पर ठगी करता था।
कुल मिलाकर, डीएसपी कल्पना वर्मा और कारोबारी दीपक टंडन से जुड़ा यह मामला अब केवल कानूनी नहीं, बल्कि राजनीतिक बहस का विषय बनता जा रहा है। आने वाले दिनों में जांच की दिशा और राजनीतिक प्रतिक्रियाएं इस मामले को और अधिक तूल दे सकती हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *