162 दिन बाद दबोचा गया कुख्यात सूदखोर वीरेंद्र ‘रूबी’: ग्वालियर से रायपुर लाए जाने के बाद भाठागांव में निकाला गया जुलूस, कोर्ट ने एक दिन की रिमांड दी

रायपुर। सूदखोरी, ब्लैकमेलिंग और मारपीट जैसे मामलों में फरार चल रहा कुख्यात सूदखोर वीरेंद्र तोमर उर्फ रूबी आखिरकार पुलिस के शिकंजे में आ गया। 162 दिनों से फरार रूबी को ग्वालियर से गिरफ्तार कर रविवार सुबह लोअर और बनियान में रायपुर लाया गया। पूछताछ के बाद पुलिस ने उसे भाठागांव इलाके में जुलूस के रूप में घुमाया—ठीक उसी जगह, जहां वह लोगों को धमकाता, वसूली करता और दहशत फैलाता था। जुलूस के दौरान रूबी लंगड़ाता हुआ चलता दिखा और थोड़ी दूर जाते ही बेहोश हो गया। इसके बाद पुलिस उसे वाहन से कोर्ट लेकर पहुंची, जहां उसे एक दिन की रिमांड पर पुलिस को सौंप दिया गया।
भाठागांव के लोग बताते हैं कि रूबी का इलाके में खासा आतंक था। वह मोटे ब्याज पर पैसा देता और वसूली के नाम पर लोगों को धमकाता, बदनाम करता और मारपीट करता था। इससे पहले भी पुलिस ने रूबी और उसके भाई रोहित तोमर का इसी इलाके में जुलूस निकाला था। जुलूस के दौरान रूबी की पत्नी और कुछ रिश्तेदार भी पहुंच गए और हंगामा करते हुए पुलिस पर प्रताड़ना का आरोप लगाने लगे।
बेहोशी में गिरा, हवालात में दुबकता नजर आया
पुलिस के अनुसार, जो व्यक्ति दूसरों को डराकर पैसे वसूलता था, वह खुद पुलिस के साथ कुछ कदम भी पैदल नहीं चल पाया। बेहोश होकर गिरने के बाद उसे वाहन में बैठाकर कोर्ट ले जाया गया। बाद में हवालात में वह एक कोने में दुबका हुआ दिखाई दिया। पुलिस अब रूबी से उसके कर्ज वसूली गिरोह, सहयोजकों और अवैध वसूली के नेटवर्क से जुड़े पहलुओं पर पूछताछ करेगी। माना जा रहा है कि रिमांड अवधि में कई और खुलासे हो सकते हैं।

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