कोरबा, अंबिकापुर और महासमुंद में दो घंटे का सांकेतिक प्रदर्शन; जगदलपुर, कांकेर और राजनांदगांव में भी प्रदर्शन की तैयारी
रायपुर, 28 सितंबर 2026। छत्तीसगढ़ में नर्सिंग संवर्ग के ग्रेड पे की मांग को लेकर नर्सिंग ऑफिसर्स एसोसिएशन ने प्रदेशव्यापी आंदोलन की घोषणा की है। एसोसिएशन ने कहा है कि यदि दीपावली से पहले ग्रेड पे संबंधी प्रस्ताव लागू नहीं किया गया, तो 18 नवंबर से प्रदेशभर में अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू किया जाएगा। आंदोलन के पहले चरण में संगठन द्वारा विभिन्न जिलों में सांकेतिक प्रदर्शन किए जा रहे हैं। कोरबा, अंबिकापुर और महासमुंद में नर्सिंग कर्मचारियों ने दो घंटे का सांकेतिक प्रदर्शन कर अपनी मांग शासन तक पहुंचाई। संगठन के अनुसार आगामी सप्ताह में जगदलपुर, कांकेर और राजनांदगांव में भी प्रदर्शन किए जाने की तैयारी है।
18 नवंबर से अनिश्चितकालीन आंदोलन की चेतावनी
नर्सिंग ऑफिसर्स एसोसिएशन ने कहा है कि यदि उनकी ग्रेड पे संबंधी मांग पर शासन की ओर से सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता है, तो 18 नवंबर से प्रदेशव्यापी अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू किया जाएगा। संगठन के अनुसार आंदोलन में नियमित कर्मचारियों के साथ संविदा एवं डेली वेजेस पर कार्यरत नर्सिंग कर्मचारी भी शामिल होंगे। एसोसिएशन ने दावा किया है कि प्रदेश के सभी 10 मेडिकल कॉलेजों का नर्सिंग संवर्ग भी आंदोलन में शामिल हो सकता है। संगठन ने स्पष्ट किया है कि ग्रेड पे प्रस्ताव लागू होने तक आंदोलन जारी रखने की रणनीति बनाई गई है।
शासन की नीति पर उठाए सवाल
एसोसिएशन ने नर्सिंग संवर्ग से जुड़े कर्मचारियों की मांगों को लेकर शासन की नीति पर सवाल उठाए हैं। संगठन का आरोप है कि नर्सिंग कर्मचारियों के साथ भेदभावपूर्ण रवैया अपनाया जा रहा है। कर्मचारियों का कहना है कि ग्रेड पे संबंधी मांग लंबे समय से लंबित है, लेकिन अब तक इस दिशा में अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई है।
मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन की तैयारी
अपनी मांगों को शासन तक पहुंचाने के लिए नर्सिंग ऑफिसर्स एसोसिएशन मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपने की तैयारी कर रहा है। संगठन ने इसके लिए स्कूटी रैली निकालने की अनुमति भी मांगी है।
एसोसिएशन का कहना है कि नर्सिंग कर्मचारी स्वास्थ्य व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी हैं और उनकी लंबित मांगों पर शीघ्र निर्णय लिया जाना चाहिए। संगठन ने चेतावनी दी है कि मांग पूरी नहीं होने की स्थिति में आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से और व्यापक किया जाएगा। फिलहाल कोरबा, अंबिकापुर और महासमुंद में हुए सांकेतिक प्रदर्शनों के बाद आगामी सप्ताह में प्रस्तावित जगदलपुर, कांकेर और राजनांदगांव के प्रदर्शनों पर नजर रहेगी। इसके बाद शासन की प्रतिक्रिया के आधार पर संगठन अपनी आगामी आंदोलन की रणनीति तय करेगा।