
रायपुर, 12 मई 2026। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ऊर्जा संरक्षण और पेट्रोल-डीजल बचाने की अपील का असर अब छत्तीसगढ़ में भी दिखाई देने लगा है। कवर्धा जिले के एसपी धर्मेंद्र सिंह ने इस संदेश को व्यवहार में उतारते हुए मंगलवार को साइकिल से कार्यालय पहुंचकर एक सकारात्मक उदाहरण पेश किया। पुलिस विभाग ने इसकी तस्वीरें और वीडियो जारी कर लोगों को ऊर्जा बचत के प्रति जागरूक करने की कोशिश की। एसपी धर्मेंद्र सिंह ने सिर्फ खुद साइकिल चलाने तक बात सीमित नहीं रखी, बल्कि अधिकारियों और कर्मचारियों से भी सप्ताह में कम से कम एक दिन साइकिल से दफ्तर आने की अपील की। इस पहल को लोगों ने सराहा और सोशल मीडिया पर भी इसे “असली संदेश” बताया गया।
हालांकि इस पहल के बीच प्रदेश में जारी VIP कल्चर पर भी सवाल खड़े होने लगे हैं। प्रधानमंत्री की अपील के 48 घंटे बाद भी नेताओं और अफसरों के लंबे काफिले, चमचमाती गाड़ियां और सायरन संस्कृति जस की तस बनी हुई है। कई अफसर अकेले लग्जरी वाहनों में दौरे करते नजर आ रहे हैं, जबकि नेताओं के फॉलो वाहन और सुरक्षा काफिले लगातार सड़कों पर दौड़ रहे हैं। महंगाई और बढ़ती पेट्रोल कीमतों के बीच आम आदमी पहले ही हर लीटर ईंधन सोच-समझकर खर्च कर रहा है। लोग छोटी दूरी के लिए भी बाइक निकालने से पहले जरूरत तौल रहे हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या ऊर्जा संरक्षण सिर्फ जनता के लिए है, जबकि सत्ता और सिस्टम अब भी “फुल टैंक संस्कृति” में जी रहा है?
कवर्धा एसपी की साइकिल सवारी ने यह जरूर दिखा दिया कि इच्छाशक्ति हो तो बदलाव संभव है। अब देखना यह होगा कि क्या प्रदेश के बाकी नेता और अफसर भी इस पहल से प्रेरणा लेंगे या फिर आम जनता ही साइकिल चलाती रहेगी और VIP काफिले सायरन बजाते हुए निकलते रहेंगे।