रायपुर। जमीन खरीदी-बिक्री के लिए गाइडलाइन दर में बढ़ोतरी को लेकर विपक्ष के हमलों पर राज्य सरकार ने तीखा पलटवार किया है। वित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार अपने कार्यकाल में गाइडलाइन दर बढ़ने नहीं दे रही थी, क्योंकि उन्हें शराब, कोयला और महादेव सट्टा से प्राप्त होने वाला पैसा जमीनों में खपाना था। इसलिए उन्होंने जानबूझकर दस प्रतिशत के रेट पर ही जमीन की खरीद-बिक्री को बनाए रखा और बड़े पैमाने पर जमीनें इकट्ठा की गईं।
ओपी चौधरी ने कहा कि कम गाइडलाइन रेट का सबसे बड़ा नुकसान किसानों को होता है, खासकर उन क्षेत्रों में जहां जमीन अधिग्रहण किया जाता है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि कहीं कोई त्रुटि है तो सरकार उसे ठीक करेगी, लेकिन समग्र रूप से यह फैसला किसानों, मध्यमवर्गीय परिवारों और रियल एस्टेट सुधार के लिए बेहद आवश्यक था। मंत्री ने बताया कि गाइडलाइन रेट का संबंध केवल होम लोन से नहीं, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था और रियल एस्टेट सेक्टर से भी गहरे जुड़ा हुआ है। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में लिया गया यह निर्णय राज्य के विकास और आम जनता के हित में एक दूरदर्शी कदम साबित होगा।