कांग्रेस में संगठन सृजन अभियान अंतिम चरण में : जिलाध्यक्षों की नियुक्ति से पहले दिल्ली में मंथन, अक्टूबर के अंत तक जारी होगी सूची

कांग्रेस में संगठन सृजन अभियान अंतिम चरण में : जिलाध्यक्षों की नियुक्ति से पहले दिल्ली में मंथन, अक्टूबर के अंत तक जारी होगी सूची

रायपुर । छत्तीसगढ़ कांग्रेस में संगठन सृजन अभियान अब अपने अंतिम चरण में पहुंच गया है। पार्टी ने ब्लॉक और मंडल स्तर की संरचना लगभग पूरी कर ली है, और अब जिलाध्यक्षों की नियुक्ति की तैयारी शुरू हो गई है। माना जा रहा है कि अक्टूबर के अंत या नवंबर के पहले सप्ताह तक नए जिलाध्यक्षों की सूची जारी कर दी जाएगी।
पर्यवेक्षकों की रिपोर्ट पर होगा फैसला
एआईसीसी द्वारा नियुक्त 17 पर्यवेक्षक जिले-जिले जाकर स्थानीय नेताओं, सामाजिक संगठनों और कार्यकर्ताओं से रायशुमारी कर चुके हैं। वे अब दावेदारों के इंटरव्यू के आधार पर अपनी रिपोर्ट तैयार कर 22 अक्टूबर को एआईसीसी को सौंपेंगे।
इसके तुरंत बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज और नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत को दिल्ली बुलाया गया है, जहां उनसे जिलाध्यक्षों के नामों पर फीडबैक लिया जाएगा। सूत्रों के अनुसार, एआईसीसी का इरादा है कि अंतिम निर्णय लेने से पहले प्रदेश के दोनों शीर्ष नेताओं से संगठनात्मक संतुलन और क्षेत्रीय समीकरण पर राय ली जाए।
1,200 से अधिक मंडल और 25,000 पदाधिकारी
कांग्रेस ने इस बार संगठन के विस्तार पर विशेष ध्यान दिया है। 146 ब्लॉक अध्यक्षों की सूची पहले ही एआईसीसी को भेजी जा चुकी है। पार्टी ने 1,200 से ज्यादा मंडल कमेटियां गठित की हैं, जिनमें लगभग 25,000 पदाधिकारी नियुक्त किए जाएंगे।
प्रत्येक मंडल में एक अध्यक्ष, तीन उपाध्यक्ष, एक कोषाध्यक्ष, तीन सचिव, तीन सहसचिव, एक सोशल मीडिया समन्वयक और नौ कार्यकारिणी सदस्य होंगे। इससे基层 स्तर पर संगठन को मजबूत करने की योजना है।
रायपुर में 47 दावेदारों का इंटरव्यू
रायपुर शहर और ग्रामीण जिलों के पर्यवेक्षक प्रफुल्ल गुद्दाड़े ने दोनों क्षेत्रों के लिए कुल 47 दावेदारों के इंटरव्यू लिए। इनमें शहर अध्यक्ष पद के लिए 30 और ग्रामीण अध्यक्ष के लिए 17 उम्मीदवार शामिल थे। गुद्दाड़े की रिपोर्ट में अब इन सभी दावेदारों का मूल्यांकन दर्ज है, जिसे दिल्ली भेजा जाएगा।
सामाजिक संतुलन और सक्रियता पर जोर
एआईसीसी रिपोर्ट की समीक्षा के दौरान यह देखेगी कि सुझाए गए नाम कांग्रेस की विचारधारा के प्रति कितने समर्पित, स्थानीय रूप से कितने सक्रिय और किस गुट या वर्ग से जुड़े हैं। जिलाध्यक्षों के चयन में एससी, एसटी, ओबीसी, महिला, युवा और अल्पसंख्यक प्रतिनिधित्व के साथ ही 50 वर्ष की उम्र सीमा को भी ध्यान में रखा जाएगा।
दिल्ली मंथन के बाद होगी घोषणा
सूत्रों के मुताबिक, पर्यवेक्षकों की रिपोर्ट और बैज-महंत के फीडबैक के बाद एआईसीसी अंतिम सूची को मंजूरी देगी। उसके बाद ब्लॉक और मंडल अध्यक्षों की सूची जारी होगी।

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