रायपुर | राज्य सरकार 15 नवंबर से धान खरीदी प्रक्रिया शुरू करने जा रही है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जिला प्रशासन और विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया है कि किसानों को धान बेचने में किसी भी प्रकार की परेशानी न हो और खरीदी केंद्रों में सभी आवश्यक व्यवस्थाएँ दुरुस्त रहें।
◆खरीदी केंद्रों में सुरक्षा और सुविधाओं के पुख्ता इंतजाम
सहकारिता, मार्कफेड और खाद्य विभाग जिलों के कलेक्टरों के मार्गदर्शन में व्यापक तैयारियाँ कर रहे हैं।
अवैध धान परिवहन को रोकने के लिए राज्य सीमा पर कड़े चेक पोस्ट स्थापित किए गए हैं। साथ ही खरीदी केंद्रों में ड्रेनेज सिस्टम, तारपोलिन और सीसीटीवी कैमरे भी लगाए जा रहे हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है— किसी भी तरह के अवैध परिवहन या बिक्री के मामले में कठोर कार्रवाई की जाएगी।
◆ 2,739 खरीदी केंद्र तैयार
इस वर्ष राज्य में किसानों से धान खरीदने के लिए 2739 केंद्र बनाए गए हैं। केंद्रों में धान खरीदी के साथ-साथ उठाव की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है, ताकि किसानों को किसी भी तरह की देरी या समस्या का सामना न करना पड़े। किसानों की सुविधा के लिए फड़, चबूतरा, पीने का पानी, छाया में बैठने की व्यवस्था और पर्याप्त संख्या में बारदानों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। कलेक्टर और वरिष्ठ अधिकारी लगातार केंद्रों का निरीक्षण कर तैयारियों का मूल्यांकन कर रहे हैं।
◆टोकन जारी करें, व्यवस्थाएँ मौसम-proof हों
धान खरीदी से जुड़े अधिकारियों को उचित संख्या में टोकन जारी करने और स्टेक लगाने के निर्देश दिए गए हैं। मौसम खराब होने या बारिश की स्थिति में अव्यवस्था रोकने के लिए अतिरिक्त तैयारी पर जोर दिया गया है।
सहकारिता विभाग ने बताया कि समितियों में माइक्रो ATM लगाए गए हैं ताकि किसान तत्काल आवश्यक राशि निकाल सकें।
◆ हड़ताल का समाधान: आउटसोर्सिंग से नए डेटा एंट्री ऑपरेटर
धान खरीदी केंद्रों के लिए डेटा एंट्री ऑपरेटरों की नियुक्ति आउटसोर्सिंग के माध्यम से कर ली गई है। राज्य सहकारी विपणन संघ ने समितियों को नए ऑपरेटर उपलब्ध कराने के आदेश जारी किए हैं। हड़ताल पर बैठे पुराने ऑपरेटरों द्वारा जॉइनिंग से इनकार करने के बाद आउटसोर्सिंग का यह निर्णय लिया गया, जिसे हड़ताल कर रहे ऑपरेटरों के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।