YC न्यूज़ डेस्क । बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने बांदा दौरे के दौरान हिंदू समाज से आत्ममंथन और सुधार की अपील की। उन्होंने कहा कि केवल किसी समुदाय को गाली देने से भारत हिंदू राष्ट्र नहीं बनेगा, बल्कि हिंदुओं को अपनी कुरीतियों को सुधारना होगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि जब तक समाज अपने भीतर बदलाव नहीं लाएगा, तब तक बड़े लक्ष्य हासिल नहीं किए जा सकते। पंडित धीरेंद्र शास्त्री सदर विधायक प्रकाश द्विवेदी के आमंत्रण पर बांदा पहुंचे। आगमन के बाद उनका काफिला विधायक के खुरहंड स्थित आवास पहुंचा, जहां से वे विधायक के साथ कैलाशेश्वर महादेव मंदिर गए और भगवान शिव की पूजा-अर्चना की। इसके बाद वे मंदिर परिसर में आयोजित सुंदरकांड पाठ में भी शामिल हुए।
सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि धार्मिक आस्था में पूर्ण विश्वास जरूरी है। उन्होंने कहा, “हमारा काम है दर पर जाना, उनका काम है बिगड़ी बनाना और परमात्मा का काम है सब कुछ संभालना। अगर भगवान पर भरोसा रखोगे, तो वह भरोसा कभी नहीं टूटेगा।” उन्होंने आस्था में दोहरेपन से बचने की भी बात कही और कहा कि अलग-अलग आस्थाओं में भटकने से श्रद्धा कमजोर होती है। प्रयागराज और अन्य विषयों पर बोलते हुए पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि हर समाज के अपने नियम और परंपराएं होती हैं। कायदे में रहना ही सभी के हित में है। उन्होंने किसी भी तरह के विवाद या टकराव से बचने की सलाह दी और संयम बनाए रखने पर जोर दिया। पंडित धीरेंद्र शास्त्री के आगमन की सूचना पर कैलाशेश्वर महादेव मंदिर में भारी भीड़ उमड़ी। अनुमान के मुताबिक 8 हजार से अधिक श्रद्धालु दर्शन और प्रवचन के लिए पहुंचे। विधायक के आवास पर संत दरबार का आयोजन भी किया गया। यह उनका पिछले 10 दिनों में बांदा का दूसरा दौरा है।
इससे पहले 16 से 20 जनवरी तक उन्होंने बांदा में हनुमंत कथा का वाचन किया था, जिसमें एक लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने भाग लिया था। कथा के दौरान कई प्रमुख संतों और जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति रही। पंडित धीरेंद्र शास्त्री ने उस आयोजन को बुंदेलखंड के लिए ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह मेला किसी महाकुंभ से कम नहीं था और बजरंगबली की विशेष कृपा से यह आयोजन सदियों तक याद रखा जाएगा।