
रायपुर। रावघाट तक पहली बार यात्री ट्रेन पहुंचाने की तैयारी अब अंतिम चरण में पहुंच गई है। ताड़ोकी से रावघाट के बीच 17.5 किमी लंबे नए रेलखंड पर रेल संरक्षा आयुक्त (CRS) का निरीक्षण और स्पीड ट्रायल पूरा हो गया है। सीआरएस ने इस सेक्शन पर अधिकतम 80 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रेन चलाने की मंजूरी दे दी है। सीआरएस की अनुमति के बाद रायपुर रेल मंडल ने रावघाट तक यात्री ट्रेन चलाने की अनुमति के लिए रेलवे बोर्ड को प्रस्ताव भेज दिया है। अब बोर्ड की मंजूरी मिलते ही यात्री ट्रेन के संचालन की प्रक्रिया शुरू हो सकेगी।
रेलवे बोर्ड की मंजूरी का इंतजार
रायपुर रेल मंडल के अधिकारियों के मुताबिक, ताड़ोकी-रावघाट सेक्शन पर सभी जरूरी सुरक्षा जांच पूरी कर ली गई हैं। अब यात्री ट्रेन शुरू करने के लिए रेलवे बोर्ड की अनुमति जरूरी है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के 9 तारीख को आरपीएफ के एक कार्यक्रम में शामिल होने रायपुर आने का कार्यक्रम है। ऐसे में यदि इससे पहले रेलवे बोर्ड से अनुमति मिल जाती है तो रावघाट के लिए पहली यात्री ट्रेन को हरी झंडी दिखाए जाने की संभावना बन सकती है। हालांकि अंतिम कार्यक्रम रेलवे बोर्ड की अनुमति और रेलवे प्रशासन के निर्णय के बाद ही तय होगा।
17.5 किमी के नए रेलखंड पर हुई जांच
दल्लीराजहरा-रावघाट नई रेल लाइन की कुल लंबाई करीब 95 किमी है। इसका अंतिम 17.5 किमी लंबा ताड़ोकी-रावघाट सेक्शन अब तैयार हो चुका है। रावघाट रेलवे स्टेशन का निर्माण भी पूरा हो गया है। 22 सितंबर को सीआरएस टीम ने रेलखंड का विस्तृत निरीक्षण किया। इस दौरान पटरी, पुल-पुलियों, विद्युतीकरण, सिग्नलिंग सिस्टम और सुरक्षा से जुड़े इंतजामों की जांच की गई। इसके बाद स्पीड ट्रायल के जरिए ट्रैक की परिचालन क्षमता और सुरक्षा मानकों को परखा गया।
अभी ताड़ोकी तक चल रही यात्री ट्रेन
फिलहाल दल्लीराजहरा से ताड़ोकी तक यात्री ट्रेन का संचालन हो रहा है। रेलवे बोर्ड से अनुमति मिलने के बाद इसी यात्री सेवा का विस्तार रावघाट तक किया जा सकेगा। रावघाट तक ट्रेन पहुंचने से लंबे समय से रेल कनेक्टिविटी का इंतजार कर रहे ग्रामीण और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।
रायपुर-भिलाई की कनेक्टिविटी होगी आसान
यात्री ट्रेन शुरू होने से रावघाट और आसपास के ग्रामीण इलाकों की रेल कनेक्टिविटी मजबूत होगी। इससे लोगों के लिए रायपुर, भिलाई और प्रदेश के अन्य हिस्सों तक आने-जाने का विकल्प आसान होगा। शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के लिए बाहर जाने वाले लोगों को इसका लाभ मिल सकता है। इसके अलावा कृषि उपज और स्थानीय कारोबार से जुड़े सामान को बड़े बाजारों तक पहुंचाने में भी रेल कनेक्टिविटी मददगार साबित हो सकती है।
“सीआरएस ने रावघाट तक 80 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रेन चलाने की मंजूरी दे दी है। यात्री ट्रेन के परिचालन की अनुमति के लिए रेलवे बोर्ड को पत्र भेजा गया है। बोर्ड की अनुमति मिलते ही आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।”
— दयानंद, सीनियर डीसीएम, रायपुर रेल मंडल