
रायपुर। छत्तीसगढ़ में खरीफ फसल की गिरदावरी को लेकर राजस्व पटवारी संघ और शासन के बीच विवाद सामने आया है। पटवारी संघ ने वर्ष 2026-27 की फसल गिरदावरी PV (फसल भौतिक सत्यापन) ऐप के माध्यम से कराने के निर्देश का पूर्ण बहिष्कार करने का ऐलान किया है। संघ ने राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के सचिव और भू-अभिलेख संचालक को पत्र भेजकर पहले की तरह भुइयां पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन फसल गिरदावरी कराने की मांग की है। संघ का कहना है कि मौजूदा समय में खेतों में खरीफ की फसल खड़ी है और कई क्षेत्रों में पानी भरा हुआ है। ऐसे में PV ऐप के जरिए प्रत्येक खेत के चारों कोनों से फोटो लेना व्यवहारिक रूप से मुश्किल है। पटवारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उन पर PV ऐप से गिरदावरी करने के लिए दबाव बनाया गया तो वे बिना पूर्व सूचना के अनिश्चितकालीन हड़ताल और धरना-प्रदर्शन कर सकते हैं।
17 अगस्त से 30 सितंबर तक निर्धारित है गिरदावरी
शासन ने खरीफ गिरदावरी 2026-27 के लिए 17 अगस्त से 30 सितंबर तक की समय-सीमा तय की है। पटवारी इस अवधि में DCS और ऑनलाइन फसल एंट्री का काम कर रहे थे। संघ के मुताबिक, अचानक पटवारी आईडी से ऑनलाइन फसल एंट्री बंद कर दी गई और 18 सितंबर को PV ऐप के माध्यम से फसल गिरदावरी करने के निर्देश जारी किए गए। पटवारी संघ ने इसी बदलाव पर आपत्ति जताते हुए पुरानी व्यवस्था बहाल करने की मांग की है।
तीन साल पुराना नक्शा, मौके पर खसरा पहचानने में परेशानी
संघ के अनुसार, DCS में उपलब्ध नक्शा करीब तीन साल पुराना है। तकनीकी खामियों के कारण मौके पर किए गए कई नक्शा विभाजन अब तक DCS में दर्ज नहीं हो पाए हैं। पटवारियों का कहना है कि ऐसी स्थिति में मौके पर पहुंचने के बाद किसान की सहमति के बिना संबंधित खसरे की सही पहचान करना चुनौतीपूर्ण होगा। इससे फसल की एंट्री और गिरदावरी की शुद्धता प्रभावित होने की आशंका है।
खेतों में पानी, चारों कोनों की फोटो लेना चुनौती
पटवारी संघ ने PV ऐप की प्रक्रिया को लेकर सबसे बड़ी व्यावहारिक समस्या खेतों की भौतिक स्थिति को बताया है। संघ का कहना है कि इस समय कई खेतों में पानी भरा हुआ है और खरीफ फसल भी खड़ी है। PV ऐप में प्रत्येक खेत के चारों कोनों से फोटो लेने की आवश्यकता होने के कारण ऐसे खेतों में मौके पर जाकर निर्धारित प्रक्रिया पूरी करना मुश्किल है। संघ के मुताबिक, कई गांवों में अभी 1,500 से लेकर 15 हजार तक खसरे फसल गिरदावरी के लिए बाकी हैं। सीमित समय में इतने बड़े स्तर पर PV ऐप के माध्यम से गिरदावरी पूरी करना व्यवहारिक नहीं है।
समर्थन मूल्य पर धान खरीदी प्रभावित होने की आशंका
पटवारी संघ ने जल्दबाजी में नई व्यवस्था लागू करने से फसल खरीदी पर असर पड़ने की आशंका जताई है। संघ का कहना है कि गिरदावरी में देरी या गलत फसल एंट्री होने की स्थिति में किसानों को समर्थन मूल्य पर धान समेत अन्य खरीफ फसलों की बिक्री में परेशानी हो सकती है। संघ ने कहा है कि फसल की पहचान से संबंधित कृषि विभाग को प्रक्रिया से अलग रखना भी उचित नहीं है। पटवारियों ने मांग की है कि ऐसी व्यवस्था अपनाई जाए जिससे गिरदावरी समय पर और सही तरीके से पूरी हो सके तथा किसानों को खरीदी के समय किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
भुइयां पोर्टल से गिरदावरी कराने की मांग
राजस्व पटवारी संघ ने शासन से मांग की है कि PV ऐप के माध्यम से गिरदावरी कराने का निर्णय वापस लेकर भुइयां पोर्टल के जरिए पहले की तरह ऑनलाइन फसल गिरदावरी कराई जाए। संघ का कहना है कि पुरानी व्यवस्था में पटवारियों को ऑनलाइन फसल एंट्री करने का अनुभव है और इसी माध्यम से प्रक्रिया को निर्धारित समय में पूरा किया जा सकता है।
दबाव बनाया तो अनिश्चितकालीन आंदोलन की चेतावनी
पटवारी संघ ने स्पष्ट किया है कि वह PV ऐप के माध्यम से फसल गिरदावरी का बहिष्कार करेगा। संघ ने शासन को चेतावनी दी है कि यदि पटवारियों पर PV ऐप से गिरदावरी कराने के लिए दबाव बनाया गया तो प्रदेशभर के पटवारी बिना पूर्व सूचना के अनिश्चितकालीन हड़ताल और धरना-प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होंगे। अब इस विवाद में शासन की ओर से क्या निर्णय लिया जाता है, इस पर पटवारियों के साथ-साथ किसानों की भी नजर है।