महादेव बेटिंग की रकम शेयर बाजार में लगाने का आरोप: EaseMyTrip प्रमोटर निशांत पिट्टी पर ED की चार्जशीट, ₹59.60 करोड़ के शेयर अटैच

महादेव बेटिंग की रकम शेयर बाजार में लगाने का आरोप: EaseMyTrip प्रमोटर निशांत पिट्टी पर ED की चार्जशीट, ₹59.60 करोड़ के शेयर अटैच

रायपुर। महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने EaseMyTrip के सह-संस्थापक निशांत पिट्टी के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया है। ED का आरोप है कि पिट्टी ने अवैध सट्टेबाजी से हासिल रकम को विदेशी पोर्टफोलियो निवेश (FPI) के जरिए भारतीय शेयर बाजार में लगाने में मदद की। ED ने 10 सितंबर 2026 को रायपुर की विशेष PMLA अदालत में चार्जशीट दाखिल की। इसी कार्रवाई के दौरान प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA) के तहत पिट्टी के करीब ₹59.60 करोड़ मूल्य के डीमैट शेयरों को प्रोविजनल तौर पर अटैच किया गया। एजेंसी ने इन शेयरों को कथित ‘प्रोसीड्स ऑफ क्राइम’ बताते हुए अदालत से इन्हें जब्त करने की अनुमति मांगी है।

पांचवीं सप्लीमेंट्री चार्जशीट में पिट्टी का नाम

अधिकारियों के अनुसार, निशांत पिट्टी के खिलाफ आरोप रायपुर की विशेष PMLA अदालत में दाखिल पांचवीं सप्लीमेंट्री चार्जशीट में शामिल हैं। इस चार्जशीट में कुल 42 लोगों और कंपनियों को आरोपी बनाया गया है। ED की कार्रवाई महादेव ऑनलाइन बेटिंग नेटवर्क से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग की जांच का हिस्सा है। एजेंसी का आरोप है कि बेटिंग से हासिल रकम को अलग-अलग माध्यमों से घुमाकर वैध निवेश के रूप में पेश करने की कोशिश की गई।

ED का दावा- तिबरेवाल से करीबी संबंध

ED के मुताबिक, जांच के दौरान जुटाए गए सबूतों से पता चला कि पिट्टी दुबई में रहने वाले हरि शंकर तिबरेवाल के करीबी सहयोगी थे। एजेंसी तिबरेवाल को Skyexchange नामक कथित अवैध बेटिंग प्लेटफॉर्म से जोड़ती है। ED का आरोप है कि तिबरेवाल से जुड़ी विदेशी कंपनियों के जरिए कथित अपराध की रकम भारतीय शेयर बाजार में निवेश की गई। एजेंसी के अनुसार, पिट्टी ने इस प्रक्रिया में मदद की और FPI के माध्यम से रकम को भारतीय इक्विटी मार्केट में पहुंचाने में भूमिका निभाई।

शेयर की कीमत में हेरफेर का भी आरोप

चार्जशीट के मुताबिक, ED ने आरोप लगाया है कि Easy Trip Planners Ltd के प्रमोटर्स की ओर से पिट्टी ने तिबरेवाल के एक सहयोगी के साथ कथित तौर पर पहले से तय शेयर कीमत से संबंधित लेनदेन किया। एजेंसी का दावा है कि इसका उद्देश्य कंपनी के शेयर मूल्य और मार्केट कैपिटलाइजेशन को कृत्रिम तरीके से बढ़ाना था। ED ने इसे मनी लॉन्ड्रिंग की जांच में महत्वपूर्ण कड़ी बताया है।

Skyexchange से ₹12 हजार करोड़ की अपराध आय का दावा

ED के मुताबिक, जांच में सामने आया कि Skyexchange ने 2016 में काम शुरू किया और अब तक करीब ₹12 हजार करोड़ की कथित अपराध से हुई आय जनरेट की गई। वहीं, महादेव ऑनलाइन बुक (MOB) नेटवर्क को लेकर एजेंसी का आरोप है कि 2019 से अब तक करीब ₹80 हजार करोड़ की अपराध से हुई आय जनरेट हुई। इस नेटवर्क से सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल के नाम प्रमुख रूप से जुड़े हैं। दोनों के खिलाफ इंटरपोल रेड नोटिस भी जारी होने की बात जांच एजेंसी की ओर से कही गई है।

अप्रैल 2025 में पिट्टी के परिसरों पर हुई थी तलाशी

ED ने अप्रैल 2025 में निशांत पिट्टी से जुड़े परिसरों की तलाशी ली थी। इसके बाद उनसे पूछताछ भी की गई। रिपोर्टों के मुताबिक, अगस्त 2026 में भी उनसे दो बार पूछताछ हुई थी। इससे पहले EaseMyTrip की ओर से महादेव बेटिंग ऐप या किसी अन्य बेटिंग प्लेटफॉर्म के साथ किसी प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष संबंध से इनकार किया गया था। मौजूदा चार्जशीट में लगाए गए आरोपों पर कंपनी की ओर से फिलहाल कोई जवाब सामने नहीं आया है।

विकास गर्ग पर ₹765.77 करोड़ लेने का आरोप

ED ने इसी मामले में EBIX Group के चेयरमैन विकास गर्ग की भूमिका का भी उल्लेख किया है। एजेंसी का आरोप है कि गर्ग और उनसे जुड़ी कंपनियों को तिबरेवाल से संबंधित कुछ कंपनियों से करीब ₹765.77 करोड़ मिले थे। ED के अनुसार, इस रकम का इस्तेमाल अमेरिका की कंपनी Ebix Inc को खरीदने के लिए किया गया। एजेंसी ने दावा किया है कि PMLA के तहत दर्ज बयान में गर्ग ने विदेश स्थित कंपनियों से रकम मिलने की बात स्वीकार की थी।

ED ने अब तक 14 लोगों को गिरफ्तार करने का दावा किया

ED के मुताबिक, इस PMLA मामले में अब तक 14 लोगों की गिरफ्तारी की गई है और करीब ₹1,885 करोड़ की संपत्ति अटैच की जा चुकी है। जांच एजेंसी का कहना है कि छह चार्जशीट में कुल 116 आरोपियों के नाम शामिल हैं और देशभर में करीब 190 ठिकानों पर तलाशी ली गई है। यह PMLA केस अक्टूबर 2022 में छत्तीसगढ़ पुलिस की FIR और बाद में दाखिल चार्जशीट के आधार पर दर्ज किया गया था।

हालांकि, चार्जशीट में लगाए गए आरोप अभी न्यायिक प्रक्रिया का हिस्सा हैं। आरोपों का अंतिम निर्धारण अदालत द्वारा किया जाना है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *