
पाटन। प्रधानमंत्री आवास प्लस 2.0 की प्रारंभिक पात्रता सूची में नाम शामिल होने की खबरों के बाद जनपद पंचायत पाटन की अध्यक्ष श्रीमती कीर्ति नायक ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर अपना पक्ष स्पष्ट किया है। उन्होंने कहा कि यदि सूची में उनका नाम दर्ज हुआ है, तो उसे तत्काल निरस्त किया जाए और योजना का लाभ केवल वास्तविक गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों को ही मिले। श्रीमती कीर्ति नायक ने स्पष्ट किया कि प्रारंभिक पात्रता सूची का निर्माण शासन द्वारा नियुक्त सर्वे दल एवं संबंधित विभाग की प्रक्रिया के तहत किया गया है। इस सर्वे, सत्यापन या सूची निर्माण में उनका किसी भी प्रकार का प्रत्यक्ष अथवा अप्रत्यक्ष हस्तक्षेप नहीं रहा है।
उन्होंने बताया कि जैसे ही उन्हें सूची में अपना नाम शामिल होने की जानकारी मिली, उन्होंने तत्काल जनपद पंचायत पाटन के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को मौखिक निर्देश दिए कि यदि किसी भी स्तर पर उनका नाम पात्रता सूची में दर्ज है या आवास स्वीकृत हुआ है, तो उसे तत्काल निरस्त किया जाए। साथ ही पूरी सूची का निष्पक्ष पुनः सर्वे एवं सत्यापन कराया जाए, ताकि कोई भी वास्तविक पात्र परिवार योजना के लाभ से वंचित न रहे। जनपद अध्यक्ष ने कहा, “मैं स्वयं प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ लेने की इच्छुक नहीं हूं। मेरी प्राथमिकता केवल यह है कि शासन की इस जनकल्याणकारी योजना का लाभ अंतिम पंक्ति में खड़े वास्तविक जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचे। यदि सूची में किसी प्रकार की त्रुटि हुई है, तो उसका निष्पक्ष परीक्षण कर तत्काल सुधार किया जाना चाहिए।”
उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि होने के नाते उनकी नैतिक जिम्मेदारी है कि सरकारी योजनाओं का लाभ पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचे। इसी उद्देश्य से उन्होंने अपने नाम को सूची से हटाने और सभी ग्रामों में पुनः सर्वे कर वास्तविक पात्र परिवारों को योजना का लाभ सुनिश्चित करने की मांग की है। श्रीमती कीर्ति नायक ने मीडिया एवं आमजन से अपील की कि तथ्यों की पुष्टि किए बिना किसी भी प्रकार के भ्रामक निष्कर्ष न निकालें तथा शासन की जनहितकारी योजनाओं के पारदर्शी और सफल क्रियान्वयन में सकारात्मक सहयोग प्रदान करें।