पाटन। महिला आरक्षण से जुड़े संविधान संशोधन विधेयक को लेकर सियासत गरमा गई है। भारतीय जनता पार्टी की जिला उपाध्यक्ष श्रीमती हर्षा लोकमनी चंद्राकर ने विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए इसे “नारी सम्मान के साथ विश्वासघात” करार दिया है। प्रेस को जारी विज्ञप्ति में उन्होंने कहा कि लोकसभा में इस महत्वपूर्ण विधेयक का पारित न हो पाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उनके अनुसार, यह केवल एक कानून नहीं बल्कि देश की माताओं और बहनों को उनका अधिकार दिलाने की दिशा में ऐतिहासिक पहल थी, जिसे विपक्षी दलों ने अपने राजनीतिक स्वार्थ के कारण बाधित कर दिया।
श्रीमती चंद्राकर ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी हमेशा से महिला सशक्तिकरण के पक्ष में रही है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और अधिकारों के लिए कई अहम फैसले लिए गए हैं। उन्होंने कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि “नारी सम्मान” का उनका नारा केवल दिखावा है, जबकि वास्तविकता में उन्होंने महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी के रास्ते में बाधा खड़ी की है। उन्होंने विपक्ष से सवाल करते हुए पूछा कि क्या महिलाओं को उनका हक देना उन्हें मंजूर नहीं है, और क्या राजनीतिक स्वार्थ देश की आधी आबादी के अधिकारों से भी बड़ा हो गया है?