
प्रभावित ग्रामीणों के समर्थन में उतरे सांसद, कहा- मैं आज भी गांव वालों के साथ; टीएस सिंहदेव ने भी पहुंचकर जाना हाल
रायपुर, 3 जुलाई 2026। नया रायपुर के नकटी गांव में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के तीन दिन बाद भी विवाद थमता नजर नहीं आ रहा है। 80 मकानों पर बुलडोजर चलने के बाद बेघर हुए कई परिवार बारिश और कीचड़ के बीच अपने टूटे घरों के अवशेषों में रहने को मजबूर हैं। पुनर्वास व्यवस्था को लेकर ग्रामीणों का धरना और विरोध प्रदर्शन लगातार जारी है। गुरुवार को प्रदेश के पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव गांव पहुंचे और प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। उन्होंने ग्रामीणों की स्थिति का जायजा लेते हुए पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली।
इस बीच भाजपा सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने भी प्रशासनिक कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि रात के अंधेरे में घर तोड़ने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। सांसद ने कहा, “मैं आज भी नकटी गांव के प्रभावित ग्रामीणों के साथ खड़ा हूं।” उन्होंने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की। प्रशासन की ओर से प्रभावित परिवारों को ईडब्ल्यूएस श्रेणी के मकान आवंटित किए गए हैं, लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि इन मकानों में पर्याप्त मूलभूत सुविधाएं नहीं हैं और उनका आकार पूरे परिवार के रहने के लिए पर्याप्त नहीं है। इसी मांग को लेकर ग्रामीण रायपुर कलेक्ट्रेट के सामने भी धरने पर बैठे रहे।
गौरतलब है कि बुलडोजर कार्रवाई से दो दिन पहले ग्रामीण सांसद बृजमोहन अग्रवाल से मिले थे। उस समय उन्होंने भरोसा दिलाया था कि बरसात के मौसम में तोड़फोड़ नहीं होगी और प्रशासन तथा ग्रामीणों के बीच समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा। इसके बावजूद 29 जून को प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए गांव के 80 मकानों को ध्वस्त कर दिया। कार्रवाई के बाद से गांव में तनाव का माहौल बना हुआ है। प्रभावित परिवार बेहतर पुनर्वास, मुआवजा और वैकल्पिक आवास की मांग पर अड़े हैं। वहीं प्रशासन का कहना है कि शासकीय भूमि से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई नियमानुसार की गई है और सभी प्रभावित परिवारों के पुनर्वास की व्यवस्था की जा चुकी है। फिलहाल मामले को लेकर राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है।