
धमतरी। जिले के उदंती-सीतानदी टाइगर रिजर्व क्षेत्र स्थित जैतपुरी गांव में वन विभाग की कार्रवाई के बाद मामला अब राजनीतिक तूल पकड़ता जा रहा है। वन विभाग की टीम पर हुए हमले और ग्रामीणों की गिरफ्तारी के विरोध में मंगलवार को कांग्रेस विधायक, कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में ग्रामीण कलेक्ट्रेट पहुंच गए। प्रदर्शनकारियों ने वन विभाग पर ग्रामीणों के साथ मारपीट और दबावपूर्ण कार्रवाई का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग उठाई। जानकारी के मुताबिक वन विभाग ने जैतपुरी क्षेत्र में करीब 106 हेक्टेयर वन भूमि पर अतिक्रमण और लगभग एक लाख पेड़ों की कटाई का आरोप लगाया है। इस मामले में 166 ग्रामीणों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया है। सोमवार को विभागीय टीम पांच आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए गांव पहुंची थी, जहां ग्रामीणों और अधिकारियों के बीच विवाद की स्थिति बन गई।
वन विभाग का आरोप है कि कार्रवाई का विरोध करते हुए ग्रामीणों ने डीएफओ वरुण जैन और उनकी टीम पर हमला कर दिया तथा सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाई। घटना के बाद विभाग ने चार ग्रामीणों को गिरफ्तार किया, जिसके विरोध में मंगलवार को कांग्रेस नेताओं और ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन किया। कांग्रेस विधायकों ने प्रशासन पर ग्रामीणों के उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए कहा कि वर्षों से जंगल और खेती पर निर्भर ग्रामीणों के साथ संवेदनशीलता से व्यवहार किया जाना चाहिए था। नेताओं ने गिरफ्तार ग्रामीणों की तत्काल रिहाई और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।
वहीं वन विभाग का कहना है कि टाइगर रिजर्व क्षेत्र में बड़े पैमाने पर अवैध कब्जा और पेड़ों की कटाई से पर्यावरण को भारी नुकसान पहुंचा है। विभाग के अनुसार कार्रवाई नियमों के तहत की जा रही थी, लेकिन टीम पर हमला कर कानून व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश की गई। मामले को लेकर प्रशासन सतर्क है और क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।