दुर्ग। जल संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा को लेकर दुर्ग में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। जिला पंचायत सीईओ की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में जनपद पंचायत के सभी ब्लॉक प्रोजेक्ट मैनेजर (BPM), क्लस्टर लेवल के पीआरपी और स्व-सहायता समूहों को जागरूक किया गया। इस बैठक में विशेष रूप से जल संरक्षण, सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध और मिट्टी के बर्तनों के उपयोग को लेकर चर्चा की गई।
सदस्यों को जानकारी दी गई कि 15 जुलाई से पहले सभी ग्राम पंचायतों में ‘बर्तन बैंक’ की स्थापना का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस बर्तन बैंक के माध्यम से सार्वजनिक आयोजनों में प्लास्टिक के बजाय मिट्टी या स्टील के बर्तनों के उपयोग को बढ़ावा दिया जाएगा।
साथ ही, स्थानीय स्तर पर पॉलिएस्टर बैग तैयार करने और वितरित करने की भी योजना बनाई गई है, जिससे प्लास्टिक बैग पर निर्भरता को खत्म किया जा सके। इस अभियान को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए एक समयसीमा (टाइमलाइन) तय की गई है, और सभी बीपीएम को निर्देशित किया गया है कि वे ग्राम पंचायतों में इसकी नियमित निगरानी करें।
आगामी सप्ताहों में इस विषय पर प्रगति की समीक्षा भी की जाएगी ताकि तय लक्ष्य समय पर पूर्ण हो सके और हर पंचायत जल संरक्षण और प्लास्टिक मुक्त भारत के संकल्प में भागीदार बन सके।