राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का 22 अक्टूबर से छत्तीसगढ़ दौरा, रायपुर से बस्तर तक कार्यक्रम; सुरक्षा के लिए मॉक ड्रिल

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का 22 अक्टूबर से छत्तीसगढ़ दौरा, रायपुर से बस्तर तक कार्यक्रम; सुरक्षा के लिए मॉक ड्रिल

रायपुर, 20 अक्टूबर 2026। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के प्रस्तावित छत्तीसगढ़ दौरे को लेकर राजधानी रायपुर से लेकर बस्तर तक तैयारियां तेज हो गई हैं। राष्ट्रपति 22 और 23 अक्टूबर को प्रदेश के विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होंगी। उनके आगमन को देखते हुए पुलिस और प्रशासन सुरक्षा व्यवस्था को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। राष्ट्रपति के काफिले की आवाजाही और निर्धारित मार्गों पर सुरक्षा इंतजामों को परखने के लिए मॉक ड्रिल की तैयारी की गई है।

काफिले और सुरक्षा व्यवस्था का होगा पूर्वाभ्यास

राष्ट्रपति के दौरे के मद्देनजर सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हैं। मॉक ड्रिल के दौरान काफिले की आवाजाही, यातायात प्रबंधन और विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय की तैयारियों का परीक्षण किया जाएगा। निर्धारित मार्गों पर सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा कर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं, ताकि राष्ट्रपति का दौरा व्यवस्थित तरीके से संपन्न हो सके।

22 अक्टूबर को रायपुर में होंगे कार्यक्रम

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू 22 अक्टूबर को रायपुर में विभिन्न आयोजनों में शामिल होंगी। दोपहर 12:45 बजे लोकभवन में आयोजित कार्यक्रम में पूज्य माता हासी देवी के सम्मान में 200 रुपये का स्मारक सिक्का जारी किया जाएगा।

इसके बाद शाम 4 बजे राष्ट्रपति रायपुर के इंडोर स्टेडियम पहुंचेंगी। यहां नुआखाई पर्व के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में वे मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगी। इस आयोजन में सेवा सम्मान पर्व और युवा प्रबोधन कार्यक्रम भी प्रस्तावित हैं।

23 अक्टूबर को मां दंतेश्वरी मंदिर में करेंगी पूजा

राष्ट्रपति के दौरे का दूसरा दिन बस्तर में निर्धारित है। 23 अक्टूबर को सुबह 11 बजे वे जगदलपुर स्थित मां दंतेश्वरी मंदिर में पूजा-अर्चना करेंगी। इसके बाद दोपहर 12:45 बजे बस्तर दशहरा के अवसर पर आयोजित सार्वजनिक कार्यक्रम और मुरिया दरबार में शामिल होंगी।

राष्ट्रीय स्तर पर सामने आएगी बस्तर की सांस्कृतिक विरासत

बस्तर दशहरा अपनी विशिष्ट आदिवासी परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत के लिए देशभर में पहचान रखता है। लगभग 75 दिनों तक चलने वाले इस पर्व का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व है। राष्ट्रपति की प्रस्तावित सहभागिता से बस्तर की विशिष्ट परंपराओं, जनजातीय संस्कृति और ऐतिहासिक विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा। राष्ट्रपति के दौरे को लेकर रायपुर और बस्तर में सुरक्षा, यातायात तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की तैयारियां की जा रही हैं।

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