BRICS 2026 में छत्तीसगढ़ का गौरव: रायपुर के सरकारी विद्यालय का अंतरराष्ट्रीय मंच पर चयन, कक्षा 7-8 की छात्राओं ने प्रस्तुत किया जियोस्पेशियल प्रोजेक्ट

BRICS 2026 में छत्तीसगढ़ का गौरव: रायपुर के सरकारी विद्यालय का अंतरराष्ट्रीय मंच पर चयन, कक्षा 7-8 की छात्राओं ने प्रस्तुत किया जियोस्पेशियल प्रोजेक्ट

रायपुर। छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का क्षण तब आया जब राजधानी रायपुर स्थित पीजी उमाठे उत्कृष्ट शासकीय विद्यालय, शांति नगर का चयन BRICS 2026 School Geospatial Project Showcase के लिए किया गया। यह उपलब्धि इसलिए भी विशेष रही क्योंकि यह छत्तीसगढ़ का एकमात्र विद्यालय था जिसने इस प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपना जियोस्पेशियल प्रोजेक्ट प्रस्तुत किया। 22 जुलाई को भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (IISER), तिरुपति में आयोजित कार्यक्रम में BRICS देशों के प्रतिनिधियों के समक्ष विद्यालय की छात्राओं ने “Building Sponge City Together” विषय पर आधारित परियोजना का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। इस प्रोजेक्ट को विशेषज्ञों एवं उपस्थित प्रतिनिधियों द्वारा सराहा गया।

विद्यालय की शिक्षिका रीता मंडल के मार्गदर्शन में कक्षा 8 की छात्रा वार्तिका पाटिल और कक्षा 7 की छात्रा उमेश्वरी साहू ने यह प्रस्तुति दी। दोनों छात्राओं ने अपने नवाचार और वैज्ञानिक सोच का परिचय देते हुए भौगोलिक सूचना प्रणाली (GIS), सैटेलाइट इमेजरी तथा मोबाइल मैपिंग जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया। यह परियोजना संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्य (SDG-6) — सभी के लिए स्वच्छ जल एवं स्वच्छता — पर आधारित थी। परियोजना का उद्देश्य शहरी जल प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए वैज्ञानिक एवं तकनीकी समाधान प्रस्तुत करना था। इस कार्यक्रम का आयोजन विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DST) तथा भारती विद्यापीठ इंस्टीट्यूट ऑफ एनवायरनमेंट एजुकेशन एंड रिसर्च (BVIEER), पुणे के संयुक्त सहयोग से किया गया।

इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर रायपुर कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने विद्यालय परिवार को बधाई देते हुए कहा कि यह सफलता प्रदेश के अन्य विद्यार्थियों के लिए विज्ञान, अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में आगे बढ़ने की प्रेरणा बनेगी। उन्होंने छात्राओं और शिक्षकों के प्रयासों की सराहना करते हुए इसे छत्तीसगढ़ के लिए गौरवपूर्ण उपलब्धि बताया। BRICS 2026 जैसे अंतरराष्ट्रीय मंच पर चयनित होकर रायपुर के इस सरकारी विद्यालय ने न केवल प्रदेश बल्कि देश का भी मान बढ़ाया है। यह उपलब्धि दर्शाती है कि सरकारी विद्यालयों के विद्यार्थी भी उचित मार्गदर्शन, आधुनिक तकनीक और नवाचार के माध्यम से वैश्विक स्तर पर अपनी प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकते हैं।

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