भारत-पाकिस्तान एशिया कप मैच से पहले देशभर में विरोध: शहीद की पत्नी ने की बायकॉट की अपील, विपक्षी दलों ने सरकार पर साधा निशाना

YC न्यूज़ डेस्क। एशिया कप 2025 में रविवार को भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाले हाई-वोल्टेज मुकाबले से पहले देशभर में राजनीतिक और सामाजिक विरोध की लहर देखने को मिल रही है। भले ही भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) टूर्नामेंट का आधिकारिक होस्ट हो, लेकिन बोर्ड के कई वरिष्ठ अधिकारी मैच देखने के लिए दुबई नहीं जाएंगे। केवल BCCI के कार्यकारी अध्यक्ष और एशियन क्रिकेट काउंसिल के सदस्य राजीव शुक्ला के जाने की संभावना है।

विरोध की लहर की शुरुआत उस वक्त तेज़ हो गई जब पहलगाम आतंकी हमले में शहीद हुए कानपुर के शुभम द्विवेदी की पत्नी ऐशन्या द्विवेदी ने लोगों से मैच का बायकॉट करने की अपील की। ANI से बात करते हुए ऐशन्या ने कहा, “मेरे सामने मेरे पति को गोली मारी गई। जिन जवानों ने देश के लिए अपनी जान दी, उनकी शहादत का सम्मान होना चाहिए। BCCI के लिए शायद यह सिर्फ एक मैच है, लेकिन हमारे लिए यह भावनाओं का मामला है।”

विपक्ष का हमला, पुतला दहन और चेतावनी

दिल्ली में आम आदमी पार्टी (AAP) ने पाकिस्तानी खिलाड़ी का पुतला फूंककर मैच का विरोध किया। AAP नेता अरविंद केजरीवाल ने क्लब, पब और रेस्टोरेंट्स को चेतावनी दी कि वे मैच का प्रसारण न करें, वरना प्रदर्शन झेलना होगा। सौरभ भारद्वाज ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पाकिस्तान आर्मी चीफ की सोशल मीडिया पोस्ट का जिक्र किया, जिसमें भारतीय प्रतीकों का अपमान किया गया था।

शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने तीखा बयान देते हुए कहा, “जब खून और पानी साथ नहीं बह सकते तो क्रिकेट मैच कैसे हो सकता है? यह देशभक्ति का मजाक है।” जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने एक संतुलित रुख अपनाते हुए कहा कि बहुपक्षीय टूर्नामेंटों का हिस्सा बनना अलग बात है, लेकिन द्विपक्षीय संबंधों को लेकर संवेदनशीलता जरूरी है।

सिनेमाई और छात्र संगठनों का भी विरोध

फेडरेशन ऑफ वेस्टर्न इंडिया सिने एम्प्लॉइज (FWICE) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर भारत-पाक मैच के प्रसारण पर रोक लगाने की अपील की। वहीं लखनऊ विश्वविद्यालय के छात्रों ने BCCI का पुतला फूंका और मैच के आयोजन को “शहीदों के बलिदान का अपमान” बताया। जम्मू-कश्मीर छात्र संघ ने छात्रों से अपील की है कि वे मैच को खेल भावना से देखें और सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट करने से बचें।

क्या बोले सत्तापक्ष?

बीजेपी सांसद और पूर्व खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि “जब टूर्नामेंट एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACC) या इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (ICC) के अंतर्गत आयोजित होता है, तो भाग लेना आवश्यक हो जाता है।”महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार ने कहा कि इतने बड़े देश में क्रिकेट जैसे मुद्दों पर मतभेद होना स्वाभाविक है। वहीं, मंत्री नितीश राणे ने उद्धव ठाकरे पर पलटवार करते हुए कहा कि “आदित्य ठाकरे खुद बुर्का पहनकर मैच देखेंगे और पाकिस्तान के नारे लगाएंगे।”

आतंक और कार्रवाई: एक न भूलने वाला संदर्भ

22 अप्रैल 2025 को हुए पहलगाम आतंकी हमले में 26 पर्यटकों की मौत हुई थी। इसके जवाब में भारत ने 6-7 मई की रात “ऑपरेशन सिंदूर” चलाया, जिसमें पाकिस्तान में 9 आतंकी ठिकानों को ध्वस्त किया गया और 100 से अधिक आतंकियों को मार गिराया गया। इसके बाद दोनों देशों में तनाव चरम पर रहा और 10 मई को सीजफायर की घोषणा हुई थी।

अब जब भारत-पाकिस्तान की टीमें एशिया कप में आमने-सामने हो रही हैं, तो सवाल यह उठ रहा है कि क्या खेल, राजनीति और राष्ट्रीय सुरक्षा को अलग-अलग रखा जा सकता है?

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