रायपुर, 11 मार्च। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के दौरान प्रश्नकाल में स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम उत्कृष्ट विद्यालयों का मुद्दा जोरदार तरीके से उठा। नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने स्कूलों की संख्या, नर्सरी कक्षाओं के संचालन और शिक्षकों की नियुक्ति को लेकर सरकार से कई महत्वपूर्ण सवाल पूछे। सदन में चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा शुरू किए गए स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूलों को लेकर कई तरह की समस्याएं सामने आ रही हैं। उन्होंने विशेष रूप से नर्सरी कक्षाओं के संचालन और वहां कार्यरत शिक्षकों की स्थिति को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि प्रदेश में कुल कितने स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम उत्कृष्ट विद्यालय संचालित हैं और इनमें प्री-प्राइमरी या नर्सरी कक्षाओं को शुरू करने की स्वीकृति कब दी गई थी।
इसके साथ ही उन्होंने यह भी जानकारी मांगी कि कितने विद्यालयों में प्री-प्राइमरी नर्सरी, केजी-1 और केजी-2 की कक्षाएं शुरू की गई हैं और वर्तमान में कितने स्कूलों में ये कक्षाएं संचालित हो रही हैं। साथ ही नर्सरी कक्षाओं के संचालन के लिए शिक्षकीय और गैर-शिक्षकीय पदों पर नियुक्त संविदा कर्मचारियों की संख्या के बारे में भी सवाल किया गया। उन्होंने यह भी पूछा कि क्या इन कक्षाओं में कार्यरत शिक्षकों और कर्मचारियों को सेवा से हटाया गया है और यदि हां तो कितनों को नोटिस दिया गया है।
इन सवालों के जवाब में स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने सदन को विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश में वर्तमान में कुल 403 स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम उत्कृष्ट विद्यालय संचालित हैं। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने सभी जिलों में प्री-प्राइमरी या नर्सरी कक्षाएं शुरू करने की स्वीकृति दी थी।
मंत्री ने बताया कि राज्य के 14 जिलों के 54 विद्यालयों में प्री-प्राइमरी नर्सरी, केजी-1 और केजी-2 की कक्षाएं संचालित की जा रही हैं और फिलहाल इन कक्षाओं में पढ़ाई जारी रहेगी। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि जहां पहले से बच्चों का प्रवेश हो चुका है वहां कक्षाएं चलती रहेंगी, लेकिन नए शैक्षणिक सत्र से इन कक्षाओं में नए प्रवेश नहीं दिए जाएंगे। सदन में इस मुद्दे पर कांग्रेस विधायक कुंवर निषाद ने भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में पढ़ाई अंग्रेजी में होती है, लेकिन कुछ जगहों पर हिंदी माध्यम से जुड़े प्राचार्यों की नियुक्ति कर दी गई है, जबकि अंग्रेजी माध्यम के प्राचार्यों का स्थानांतरण किया गया है।
इस पर जवाब देते हुए शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने कहा कि हाल ही में प्राचार्यों का प्रमोशन हुआ है और उसी आधार पर उन्हें विभिन्न स्कूलों में पदस्थ किया गया है। उन्होंने कहा कि यदि किसी विशेष मामले में कोई समस्या है तो संबंधित विधायक उसे अलग से प्रस्तुत कर सकते हैं, जिस पर सरकार विचार करेगी।