छत्तीसगढ़ में कमर्शियल गैस पर कोटा सिस्टम लागू: 214 छापों में 1013 सिलेंडर जब्त, नए बुकिंग नंबर जारी

रायपुर। छत्तीसगढ़ में घरेलू एलपीजी गैस के दुरुपयोग पर रोक लगाने के लिए राज्य सरकार ने सख्त कदम उठाते हुए अब कमर्शियल गैस सिलेंडरों पर कोटा सिस्टम लागू कर दिया है। इस फैसले का उद्देश्य आम उपभोक्ताओं को समय पर गैस उपलब्ध कराना और अवैध उपयोग पर नियंत्रण लगाना है। खाद्य विभाग और जिला प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत अब तक 214 स्थानों पर छापेमारी की गई है, जिसमें 1013 घरेलू एलपीजी सिलेंडर जब्त किए गए हैं। इनमें रायपुर से 392 और बिलासपुर से 201 सिलेंडर शामिल हैं, जो दुरुपयोग के मामलों में सबसे ज्यादा हैं। 17 मार्च 2026 को रायपुर में आयोजित समीक्षा बैठक में खाद्य सचिव रीना बाबासाहेब कंगाले ने गैस बुकिंग व्यवस्था को और सरल और सुलभ बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने व्हॉट्सऐप, मोबाइल नंबर, आईवीआरएस और वेबसाइट के माध्यम से बुकिंग की जानकारी आम लोगों तक व्यापक रूप से पहुंचाने पर जोर दिया।

नए बुकिंग नंबर जारी
उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए इंडियन ऑयल ने नए बुकिंग नंबर जारी किए हैं। अब उपभोक्ता मोबाइल नंबर 8927225667 और आईवीआरएस 8391990070 के माध्यम से गैस बुक कर सकते हैं। अधिकारियों को लंबित बुकिंग को जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

एलपीजी सप्लाई बढ़ाई गई
राज्य सरकार ने सभी जिलों में एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति बढ़ाने के निर्देश दिए हैं, ताकि उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। साथ ही यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया है कि घरेलू गैस का उपयोग केवल निर्धारित घरेलू कार्यों के लिए ही किया जाए।

कोटा आधारित वितरण व्यवस्था लागू
केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार अब कमर्शियल एलपीजी का वितरण प्राथमिकता और कोटा प्रणाली के तहत किया जाएगा। अस्पताल, स्कूल, सुरक्षा बलों के कैंप, रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट जैसी आवश्यक सेवाओं को पूर्ण गैस आपूर्ति दी जाएगी। वहीं सरकारी दफ्तरों को उनके पूर्व उपयोग का 50 प्रतिशत और होटल-रेस्टोरेंट को 20 प्रतिशत तक गैस उपलब्ध कराई जाएगी।

शिकायत के लिए हेल्पलाइन सक्रिय
उपभोक्ताओं की शिकायतों के समाधान के लिए खाद्य विभाग का कॉल सेंटर 1800-233-3663 और 1967 नंबर पर सक्रिय किया गया है। प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि गैस का सही उपयोग करें और किसी भी अनियमितता की सूचना तुरंत संबंधित विभाग को दें।

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