रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अपने विभागों की अनुदान मांगों पर चर्चा के दौरान कांग्रेस पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने कांग्रेस के पांच साल के कार्यकाल को कुशासन, भ्रष्टाचार और ठगी की राजनीति का दौर बताते हुए कहा कि उस समय “ऐसा कोई सगा नहीं, जिसे कांग्रेस ने ठगा नहीं” जैसी स्थिति प्रदेश में बन गई थी। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि पिछली सरकार की योजनाएं जमीन पर असर नहीं दिखा सकीं। नरवा-गरुवा-घुरुवा-बारी योजना और गौठानों पर करोड़ों रुपए खर्च किए गए, लेकिन अपेक्षित परिणाम नहीं मिले। उन्होंने यह भी कहा कि शराब दुकानों में दोहरी व्यवस्था चलती थी, जिसमें एक काउंटर का पैसा विभाग को और दूसरा कथित तौर पर कांग्रेस के “एटीएम” के रूप में इस्तेमाल होता था। खनिज, डीएमएफ और रेत खनन का जिक्र करते हुए सीएम साय ने कहा कि मैनुअल ट्रांजिट पास, माफिया संरक्षण और दबाव में फंड खर्च जैसे मामलों से बड़े पैमाने पर राजस्व का नुकसान हुआ। युवाओं के मुद्दे पर उन्होंने भर्ती प्रक्रियाओं में गड़बड़ी और विवादित नियुक्तियों को गंभीर अन्याय बताया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार ने सिस्टम में सुधार और लीकेज रोकने का काम किया है। इसके चलते बीते दो वर्षों में 11,107 करोड़ रुपए के सिंचाई कार्य स्वीकृत किए गए, जबकि पिछली सरकार पांच साल में 5,794 करोड़ रुपए तक सीमित रही। उन्होंने 25 हजार हेक्टेयर सिंचाई क्षमता बढ़ाने और 115 बंद परियोजनाओं को दोबारा शुरू करने का दावा किया। डिजिटल कनेक्टिविटी को लेकर उन्होंने बताया कि अब तक 751 मोबाइल टावर चालू किए जा चुके हैं और 2300 नए टावरों का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा गया है।
10,617 करोड़ का बजट पारित
विधानसभा में मुख्यमंत्री के विभागों से संबंधित 10,617 करोड़ 73 लाख रुपए की अनुदान मांगें पारित कर दी गईं। सीएम ने भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति का जिक्र करते हुए बताया कि व्यवस्थागत सुधारों से राजस्व में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। आबकारी राजस्व 5,110 करोड़ से बढ़कर लगभग 11,000 करोड़ रुपए तक पहुंच गया है। नक्सलवाद के खिलाफ अभियान को “लोकतंत्र की जीत” बताते हुए उन्होंने कहा कि ‘नियद नेल्ला नार’ योजना के तहत प्रभावित क्षेत्रों के 158 गांवों में अब रोशनी पहुंच चुकी है। ऊर्जा क्षेत्र में राज्य को अग्रणी बनाने के लिए 32,000 मेगावाट की परियोजनाओं के लिए समझौते किए गए हैं। किसानों और घरेलू उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए 6,000 करोड़ रुपए से अधिक की बिजली सब्सिडी का प्रावधान किया गया है। साथ ही, सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के लिए 11,107 करोड़ रुपए की योजनाएं स्वीकृत की गई हैं, जिनमें बस्तर क्षेत्र की इंद्रावती नदी पर बैराज निर्माण प्रमुख है। मुख्यमंत्री ने कहा कि एआई मिशन और बिलासपुर एयरपोर्ट के उन्नयन जैसे कदम छत्तीसगढ़ को विकास की नई ऊंचाइयों तक ले जाएंगे।