रायपुर। राजधानी रायपुर की 25 लाख से अधिक आबादी के लिए राहत की बड़ी खबर है। शहर में एक साथ 7 नए ओवरब्रिज बनाने की योजना को हरी झंडी मिल गई है। ट्रैफिक जाम, सड़क हादसे और समय की बर्बादी को रोकने के लिए यह अब तक की सबसे बड़ी पहल मानी जा रही है। लोक निर्माण विभाग (PWD) ने इस कार्य के लिए एक साल का लक्ष्य तय किया है और अधिकांश ओवरब्रिजों के लिए बजट स्वीकृति भी मिल चुकी है।
जाम वाली सड़कों पर फोकस
PWD के सर्वे के अनुसार जिन क्षेत्रों में सबसे अधिक ट्रैफिक जाम लगता है, वहां ओवरब्रिज बनाए जाएंगे। इससे न केवल सड़क सुरक्षा बेहतर होगी बल्कि लोगों का औसतन 15–20 मिनट का समय प्रतिदिन बचेगा। नए ओवरब्रिज शहर की चारों दिशाओं में बनने वाले हैं, जो एक्सप्रेस-वे और मुख्य शहर को बेहतर ढंग से जोड़ेंगे।
कहां-कहां बनेंगे नए ओवरब्रिज?
- कालीबाड़ी चौक से पुलिस लाइन गेट तक
- लागत: ₹50 करोड़
- लंबाई: 1.5 किमी
- स्टेटस: बजट स्वीकृत
- रोजाना वाहन: 35,000+
- फुंडहर चौक से टेमरी तक
- लागत: ₹30 करोड़
- लंबाई: 700 मीटर
- स्टेटस: प्रस्ताव बजट के लिए भेजा गया
- रोजाना वाहन: 25,000+
- अमलीडीह चौक से द्रोणाचार्य स्कूल (केनाल लिंकिंग रोड)
- लागत: ₹40 करोड़
- स्टेटस: डीपीआर तैयार
- रोजाना वाहन: 25,000+
- गुढ़ियारी से एक्सप्रेस-वे लिंक
- योजना निर्माणाधीन, एक्सप्रेस-वे से सीधा जुड़ाव होगा
- स्टेटस: DPR निर्माणाधीन
- मोवा: खालसा स्कूल से रिलायंस मार्ट
- लागत: ₹135 करोड़
- स्टेटस: काम प्रगति पर
- ट्रैफिक दबाव अत्यधिक
- भनपुरी चौक
- लागत: ₹40 करोड़
- स्टेटस: DPR प्रक्रिया में
- रोजाना वाहन: 50,000+
- खारुन नदी पर नया ब्रिज (रायपुर–पाटन लिंक)
- लागत: ₹60 करोड़
- स्टेटस: शासन को भेजा गया प्रस्ताव
- रोजाना वाहन: 80,000+
राष्ट्रीय पहचान के अनुरूप शहर का कायाकल्प
PWD मंत्री अरुण साव ने कहा, “रायपुर की पहचान राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बन रही है। इसीलिए ट्रैफिक इंफ्रास्ट्रक्चर को विश्वस्तरीय बनाने पर जोर दिया गया है।” उन्होंने कहा कि इस विकास से शहर के लोगों को न केवल सुविधा मिलेगी बल्कि सड़क दुर्घटनाओं में भी भारी कमी आएगी।