800 से अधिक पद एसटी वर्ग के लिए आरक्षित, फिर भी भर्ती नहीं होने का आरोप
रायपुर, 9 अगस्त। विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर शनिवार को छत्तीसगढ़ के डी.एड. प्रशिक्षित अभ्यर्थियों ने नियुक्ति की मांग को लेकर राजधानी रायपुर में रैली निकाली। यह रैली सर्व आदिवासी समाज के बैनर तले आयोजित की गई। रैली बलबीर सिंह जुनेजा ऑडिटोरियम से शुरू होकर शहर के विभिन्न मार्गों से होते हुए जयस्तंभ चौक पहुंची। इस दौरान बड़ी संख्या में डी.एड. अभ्यर्थी, आदिवासी समाज के पदाधिकारी और समाज के लोग शामिल हुए। रैली के दौरान प्रदर्शनकारियों ने हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर सहायक शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में रिक्त पदों पर शीघ्र नियुक्ति की मांग उठाई।
अभ्यर्थियों का कहना है कि सहायक शिक्षक भर्ती में कुल 1316 पद रिक्त हैं, जिनमें 800 से अधिक पद अनुसूचित जनजाति (एसटी) वर्ग के लिए आरक्षित हैं। इसके बावजूद लंबे समय से इन पदों पर नियुक्ति नहीं की जा रही है। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि उच्च न्यायालय और सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के बाद भी पात्र अभ्यर्थियों को अब तक नियुक्ति नहीं मिली है। उनका कहना है कि यह केवल रोजगार का मामला नहीं, बल्कि आदिवासी युवाओं के भविष्य और उनके संवैधानिक अधिकारों से जुड़ा गंभीर मुद्दा है।
रैली को संबोधित करते हुए सर्व आदिवासी समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि प्रदेश के शीर्ष नेतृत्व में आदिवासी समाज की महत्वपूर्ण भागीदारी होने के बावजूद युवाओं को अपने अधिकारों के लिए सड़क पर उतरना पड़ रहा है। उन्होंने सरकार से लंबित भर्ती प्रक्रिया को शीघ्र पूरा करने की मांग की। अभ्यर्थियों ने कहा कि वे वर्षों से प्रशिक्षण प्राप्त कर नियुक्ति की प्रतीक्षा कर रहे हैं। रिक्त पद होने के बावजूद भर्ती नहीं होने से हजारों प्रशिक्षित युवा आर्थिक और मानसिक परेशानी का सामना कर रहे हैं। रैली के समापन पर सर्व आदिवासी समाज और डी.एड. अभ्यर्थियों ने शासन-प्रशासन को ज्ञापन सौंपते हुए चेतावनी दी कि यदि जल्द सकारात्मक निर्णय लेकर पात्र अभ्यर्थियों को नियुक्ति नहीं दी गई, तो आंदोलन को और व्यापक और उग्र रूप दिया जाएगा।