धान खरीदी में रिकॉर्ड रफ्तार: 2024-25 में 25.49 लाख किसानों से 149.25 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी, 34,348 करोड़ का भुगतान

धान खरीदी में रिकॉर्ड रफ्तार: 2024-25 में 25.49 लाख किसानों से 149.25 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी, 34,348 करोड़ का भुगतान

रायपुर | राज्य सरकार ने खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में धान समर्थन मूल्य पर खरीदी को लेकर अब तक का सबसे बड़ा अपडेट जारी किया है। खाद्य एवं राजस्व विभाग की सचिव रीना बाबासाहेब कंगाले ने बताया कि चालू सीजन में अब तक 25 लाख 49 हजार किसानों से 149.25 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी पूरी की जा चुकी है, यह खरीदी राज्य के 2,739 उपार्जन केंद्रों के माध्यम से कुल 2,739 केंद्रों (2739) से संचालित 2,739 केन्द्रों—अंतर्गत आने वाली 87 समितियों के प्रबंधन में 2,739 केंद्रों से की गई। प्रदेशभर में धान खरीदी कुल 2,739 उपार्जन केंद्रों के नेटवर्क के अंतर्गत की जा रही है, जिनकी कुल संख्या 2,739 (2739) है। सचिव ने बताया कि साल 2023 से राज्य सरकार ने समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की सीमा 15 क्विंटल प्रति एकड़ से बढ़ाकर 21 क्विंटल प्रति एकड़ की है, जिससे किसानों को पहले की तुलना में अधिक उपज बेचने का लाभ मिल रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि इस वर्ष 26 लाख 49 हजार किसान धान बिक्री के लिए पंजीकृत हैं, जिनमें बड़ी संख्या लघु और सीमांत कृषकों की है।
किसानों को 34,348 करोड़ का भुगतान
रीना कंगाले ने बताया कि धान बेचने वाले किसानों को अब तक 34,348 करोड़ रुपए का भुगतान बैंकिंग सेवाओं के माध्यम से किया जा चुका है, जिसमें 12,000 करोड़ रुपए की अतिरिक्त राशि शामिल है, यह अतिरिक्त राशि बढ़ी हुई खरीदी सीमा और बोनस भुगतान के मद्देनजर दी गई है।
लघु एवं सीमांत किसानों के लिए ‘तुम्हार टोकन’ योजना
धान बिक्री को सुगम बनाने सरकार ने ‘तुम्हार टोकन’ योजना शुरू की है, जिसके तहत अब तक 3,000 टोकन जारी किए जा चुके हैं। सचिव ने बताया कि कुल धान विक्रेताओं में से 23 लाख किसान ऐसे हैं जिनके पास 5 एकड़ से कम भूमि है, इन्हें लघु-सीमांत किसान टोकन योजना का विशेष लाभ दिया जा रहा है। टोकन वितरण का समय सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक निर्धारित है और किसान यह सुविधा मोबाइल ऐप के जरिए भी प्राप्त कर सकते हैं। जिन किसानों के पास टोकन उपलब्ध नहीं है, वे सीधे केंद्र पहुंचकर भी टोकन प्राप्त कर सकते हैं।
समितियों को कमीशन आधारित भुगतान
खरीदी संचालन में सहयोगी समितियों की व्यवस्था कमीशन आधारित रखी गई है। सचिव ने बताया कि पिछले सीजन में 2,200 समितियों को 450 करोड़ रुपए जारी किए गए थे, जबकि 2,200 समितियों को 450 करोड़ रुपए जारी किए गए थे।
अलर्ट ज़ोन और शिकायत निगरानी केंद्र
धान उपार्जन में पारदर्शिता बनाए रखने विभाग ने लाल, पीला और हरा अलर्ट ज़ोन बनाए हैं। अलर्ट सेंटर से निकलने वाले वाहनों पर विभागीय निगरानी टीम लगातार नज़र रख रही है। केंद्रों से धान परिवहन करने वाले वाहनों पर जीपीएस आधारित ट्रैकिंग और कैमरा मॉनिटरिंग के जरिए नज़र रखी जा रही है, ताकि शिकायतों का त्वरित समाधान किया जा सके।
PDS और राशन कार्ड में बड़ा सुधार
खाद्य सुरक्षा और सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत सचिव ने बताया कि सरकार ने 11 लाख नए गरीब राशन कार्ड जारी किए हैं, जिससे राज्य में कुल 82 लाख लाभार्थी इस योजना का लाभ ले रहे हैं। भुगतान पूरी तरह बैंक सर्विस और डीबीटी के माध्यम से किया जा रहा है। विभाग PDS वाहनों की आवाजाही और वितरण व्यवस्था की भी मॉनिटरिंग कर रहा है।

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