पाटन । पाटन अनुविभाग के ग्राम पंचायतों में राजस्व विभाग की स्थिति लगातार बदतर होती जा रही है। गांवों में पटवारी से जुड़े कार्यों के लिए ग्रामीणों को दिनों-दिन परेशान होना पड़ रहा है, क्योंकि ब्लॉक में कुल 56 पटवारी हल्कों के मुकाबले कार्यरत पटवारियों की संख्या कम है। डेढ़ दर्जन पटवारियों पर अपने हल्के के साथ दूसरे हल्कों का प्रभार भी डाल दिया गया है, जिसके चलते वे न तो अपने मूल हल्के में सही ढंग से समय दे पा रहे हैं और न प्रभार वाले क्षेत्रों में। प्रभार वाले गांवों की स्थिति और भी गंभीर है। ग्रामीण छात्र छात्राओं को जाति, निवास, आय प्रमाणपत्र से लेकर किसानों और आम ग्रामीणों को राजस्व से जुड़े आवश्यक कामों के लिए कई-कई दिनों तक इंतजार करना पड़ रहा है। किसान सबसे ज्यादा प्रभावित हैं, वहीं स्कूली छात्र भी परेशान हैं लेकिन अधिकारी इस अव्यवस्था से पूरी तरह बेपरवाह नजर आते हैं।
•प्रशासनिक अव्यवस्था पर क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों की चुप्पी
इस मामले में स्थानीय लोगों का कहना है कि ब्लॉक में प्रशासन की उदासीनता के कारण व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई है। जिम्मेदार अधिकारी न तो इसकी समीक्षा कर रहे हैं और न ही शासन स्तर पर पटवारियों की कमी दूर करने की कोई पहल दिखाई दे रही है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों ने भी इस गंभीर जनसमस्या पर कभी मुखरता नहीं दिखाई। न ही कोई मांग, न ही कोई पहल—जिससे जनता में आक्रोश गहराता जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि शासन–प्रशासन की अनदेखी का खामियाजा सीधे उन्हें भुगतना पड़ रहा है।
• जल्द व्यवस्था सुधरेगी, निर्देश जारी करेंगे -पाटन एसडीएम
पाटन एसडीएम लवकेश ध्रुव ने मामले में स्पष्ट किया कि जिन हल्कों में पटवारी नियमित रूप से नहीं बैठ रहे हैं, उन्हें तत्काल निर्धारित मुख्यालय में उपस्थित रहने के लिए निर्देशित किया जायेगा। उन्होंने बताया कि रिक्त हल्कों में नियुक्ति के लिए उच्चाधिकारियों को जल्द ही विस्तृत प्रतिवेदन भेजेंगे। एसडीएम ध्रुव ने कहा कि ब्लॉक में उपलब्ध पटवारियों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में राजस्व कार्यों को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए व्यवस्था मजबूत की जा रही है, ताकि ग्रामीणों को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े।