
दुर्ग। जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा समिति) की बैठक बुधवार को सांसद विजय बघेल की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की गई, जिसमें कई विभागों द्वारा पुराने और अधूरे आंकड़े प्रस्तुत किए जाने पर नाराजगी जताई गई।
बैठक के दौरान कोरोना काल में माता-पिता को खो चुके बच्चों का मुद्दा प्रमुखता से उठा। अधिकारियों द्वारा जिले में ऐसे बच्चों की संख्या केवल 17 बताए जाने पर सांसद ने नाराजगी व्यक्त करते हुए दोबारा सर्वे कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की योजना के तहत इन बच्चों को 10 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता मिलती है, इसलिए किसी भी पात्र बच्चे का नाम छूटना नहीं चाहिए।
सांसद ने “वन नेशन-वन प्रोडक्ट” योजना के तहत जिले में ब्रांडिंग और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने के निर्देश भी दिए। साथ ही महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) की रिपोर्ट अपडेट करने और आगामी दौरे में सभी विभागों की पूरी जानकारी उपलब्ध कराने को कहा।
बैठक में भिलाई नगर निगम और भिलाई-3 निगम के आयुक्तों की अनुपस्थिति पर भी सांसद ने नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि योजनाओं की प्रगति की सही जानकारी अधिकारियों की मौजूदगी में ही मिल सकती है। इसके अलावा जनजीवन मिशन की प्रगति, जल संरक्षण और हरियाली बढ़ाने को लेकर भी चर्चा हुई। सांसद ने “एक पेड़ मां के नाम” और “एक संतान के नाम” अभियान के तहत जिले में व्यापक वृक्षारोपण अभियान चलाने के निर्देश दिए।