रायपुर । छत्तीसगढ़ कांग्रेस में संगठनात्मक गतिरोध और सरकार के खिलाफ तीखे तेवर की रणनीति को लेकर एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। पार्टी के प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट 23 जून से दो दिवसीय दौरे पर रायपुर पहुंच रहे हैं। इस दौरान वे लगातार पांच अहम बैठकें लेंगे, जिनमें संगठन विस्तार, विपक्ष की भूमिका, आगामी कार्यक्रमों और मल्लिकार्जुन खरगे के संभावित दौरे की रूपरेखा तैयार की जाएगी।
पहला दिन पूरी तरह बैठकों के नाम–
पायलट की शुरुआत पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी की बैठक से होगी, जिसमें आगामी कार्यक्रमों, प्रदेश सरकार के खिलाफ आक्रामक अभियान और संगठन को सक्रिय बनाने की दिशा में चर्चा होगी। इसके बाद प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक में संगठन विस्तार को लेकर लंबित फैसलों पर मंथन किया जाएगा।
अभी तक अटकी हुई है नई टीम की घोषणा–
मई में बिलासपुर में आयोजित ‘संविधान बचाओ रैली’ के दौरान पायलट ने संगठन विस्तार को मंजूरी दी थी। लेकिन एक महीने बाद भी नए जिलाध्यक्षों और प्रकोष्ठों की सूची जारी नहीं हो पाई है। संगठन विस्तार में रायपुर, बिलासपुर, राजनांदगांव, खैरागढ़ और जशपुर जैसे प्रमुख जिलों में सहमति नहीं बन पाने के कारण कार्यकारिणी की प्रक्रिया अधर में है। पायलट इन मुद्दों पर सख्त रुख अपना सकते हैं।
जिलाध्यक्षों और मोर्चा प्रमुखों के साथ बैठक–
सचिन पायलट कांग्रेस के जिलाध्यक्षों और मोर्चा-प्रकोष्ठों के अध्यक्षों से भी बैठक करेंगे। सूत्रों के अनुसार, कई जिलाध्यक्षों को बदला जा सकता है। पायलट यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि नए पदाधिकारी जमीनी स्तर पर पार्टी को मजबूत करने में सक्षम हों और भाजपा सरकार के खिलाफ पार्टी की नीति और संदेश को जनता तक प्रभावी ढंग से पहुंचाएं।
विधायकों को मिलेगा सत्र में आक्रामक रहने का निर्देश–
पहले दिन की अंतिम बैठक में सचिन पायलट कांग्रेस विधायकों के साथ आगामी विधानसभा सत्र की रणनीति पर चर्चा करेंगे। इसमें विधायकों को सरकार की कमजोरियों को उजागर करने, तीखे सवाल उठाने और चर्चा में सक्रिय भागीदारी की सलाह दी जाएगी। कांग्रेस चाहती है कि सदन के भीतर भी विपक्ष की भूमिका अधिक मुखर और जनहितकारी हो।
खरगे के दौरे की रूपरेखा भी बनेगी–
सचिन पायलट इस दौरे के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के संभावित छत्तीसगढ़ दौरे की रूपरेखा भी तैयार करेंगे। इस दौरे को संगठनात्मक मजबूती और आगामी राजनीतिक गतिविधियों के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
संभावित बदलाव और तैयारियों के संकेत–
छत्तीसगढ़ कांग्रेस इस समय जहां एक ओर संगठनात्मक ढांचे को पुनर्गठित करने में लगी है, वहीं दूसरी ओर भाजपा सरकार को घेरने की रणनीति को धार देने की तैयारी में है। पायलट का यह दौरा पार्टी के भीतर स्पष्ट संदेश देगा कि संगठन में निष्क्रियता अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी और 2024 के बाद 2028 की तैयारी अभी से शुरू हो चुकी है।