जामगांव आर। दक्षिण पाटन के जामगांव आर में शुक्रवार से संस्कृत सम्भाषण शिविर के तहत एक भव्य संस्कृत भाषा जनसभा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर संस्कृत प्रेमियों और ग्रामीणों में अपार उत्साह देखने को मिला। सभा का शुभारंभ राहुद के सेवानिवृत्त शिक्षक पुनीत राम साहू,खेमलाल यादव,सरपंच रूपेंद्र शुक्ला की मौजूदगी में हुआ । मौके पर मुख्य अतिथि श्री साहू ने अपने प्रेरक उद्बोधन में कहा कि संस्कृत भाषा हमारे देश की प्राचीनतम धरोहर है और आने वाली पीढ़ियों को संस्कृत से जोड़ना हमारा कर्तव्य है। संस्कृत हमें जीवन में अनुशासन, त्याग और सेवा की भावना सिखाती है। हमें अपने घरों में संस्कृत संवाद को बढ़ावा देना चाहिए।अध्यक्षीय उद्बोधन में सरपंच रूपेंद्र ने कहा कि संस्कृत केवल भाषा नहीं बल्कि भारतीय संस्कृति और संस्कारों का आधार है। उन्होंने कहा कि संस्कृत शिक्षा से जीवन में श्रेष्ठता आती है और समाज में नैतिकता की स्थापना होती है। कार्यक्रम में उपस्थित सभी वक्ताओं ने संस्कृत संवाद और संस्कृत संस्कृति को अपनाने का आह्वान किया ।
इस अवसर पर शिविर संचालन टोली के नरेंद्र साहू,खिलेश साहू,यतीश साहू सहित चंद्रकला साहू,भारती साहू,बसंती साहू,हुलसी नेताम,तामेश्वरी साहू,रामखिलावन साहू सहित अन्य ग्रामीण उपस्थित थे ।