धमतरी। धमतरी जिले के नगरी ब्लॉक में पंचायत सचिवों के कथित अभद्र व्यवहार से नाराज सरपंचों ने बड़ा आंदोलन छेड़ दिया। 102 गांवों के सरपंचों ने एकजुट होकर जनपद पंचायत नगरी कार्यालय का घेराव किया और दोषी सचिवों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग उठाई। प्रदर्शन की शुरुआत सिहावा रोड स्थित सर्व आदिवासी समाज भवन से हुई, जहां से सरपंच संघ के नेतृत्व में सैकड़ों सरपंच बाइक रैली निकालते हुए जनपद कार्यालय पहुंचे। “सरपंच एकता जिंदाबाद” और “अभद्र व्यवहार नहीं सहेंगे” जैसे नारों के बीच पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को मुख्य गेट पर ही रोक दिया, जिसके बाद सरपंच धरने पर बैठ गए। इस दौरान महिला सरपंचों की भी बड़ी भागीदारी देखने को मिली।
सरपंचों ने ग्राम पंचायत सेमरा, आमगांव और भीतररास में पदस्थ सचिवों पर गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि महिला सरपंचों के साथ अभद्र व्यवहार किया जाता है, उनकी बातों को नजरअंदाज किया जाता है और पंचायत कार्यों में सहयोग नहीं मिलता। साथ ही समय पर कार्यालय नहीं पहुंचने और आदिवासी सरपंचों के साथ मनमानी करने के आरोप भी लगाए गए।
सरपंच संघ के अनुसार, इस मामले में पहले भी कई बार शिकायत और पांच दिन का अल्टीमेटम दिया गया था, लेकिन कार्रवाई नहीं होने के कारण उन्हें आंदोलन के लिए मजबूर होना पड़ा। प्रदर्शन के दौरान नायब तहसीलदार के माध्यम से कलेक्टर और जिला पंचायत सीईओ के नाम ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें दोषी सचिवों के स्थानांतरण और कार्रवाई की मांग की गई। सरपंच संघ के अध्यक्ष उमेश देव ने बताया कि जिला सीईओ ने दो दिन के भीतर कार्रवाई का आश्वासन दिया है। वहीं महासचिव नरेश कुमार मांझी ने चेतावनी दी कि यदि तय समय सीमा में कार्रवाई नहीं हुई तो सरपंच उग्र आंदोलन और चक्काजाम करेंगे।
इस बीच जनपद पंचायत नगरी के सीईओ रोहित बोरझा ने सफाई देते हुए कहा कि एक सचिव को पहले ही हटाया जा चुका है और अन्य के स्थानांतरण का प्रस्ताव भेज दिया गया है। फिलहाल प्रशासन के आश्वासन के बाद आंदोलन स्थगित कर दिया गया है, लेकिन सरपंचों ने साफ कर दिया है कि कार्रवाई नहीं होने पर आंदोलन और तेज किया जाएगा। यह घटनाक्रम पंचायत स्तर पर प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच समन्वय की कमी को उजागर करता है।