स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी मीडियम स्कूलों में अब संविदा नियुक्ति करेगी स्कूल शिक्षा विभाग — जारी हुआ मानक विज्ञापन प्रारूप

स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी मीडियम स्कूलों में अब संविदा नियुक्ति करेगी स्कूल शिक्षा विभाग — जारी हुआ मानक विज्ञापन प्रारूप

रायपुर। छत्तीसगढ़ में भूपेश बघेल सरकार के कार्यकाल में शुरू किए गए स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में अब संविदा नियुक्ति की प्रक्रिया स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों द्वारा की जाएगी। इस संबंध में स्कूल शिक्षा विभाग के अवर सचिव ने सभी जिलों के लिए निर्देश जारी किए हैं।
विभाग ने संविदा भर्ती के लिए मानक विज्ञापन प्रारूप भी जारी किया है। इसमें व्याख्याता, शिक्षक, व्यायाम शिक्षक, ग्रंथपाल, कम्प्यूटर शिक्षक, सहायक शिक्षक और सहायक शिक्षक (विज्ञान प्रयोगशाला) जैसे पद शामिल किए गए हैं। आवेदन केवल पंजीकृत डाक या गूगल फॉर्म के माध्यम से ही मान्य होंगे। किसी भी प्रकार का ऑफलाइन आवेदन अमान्य माना जाएगा।
जारी आदेश के अनुसार, नियुक्तियां छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (संविदा नियुक्ति) नियम 2012 के नियम-4 तथा स्वामी आत्मानंद शिक्षण समिति के निर्णयों के अनुरूप एक वर्ष की अवधि के लिए की जाएंगी। प्राचार्य और समिति की अनुशंसा तथा कार्यक्षमता के आधार पर संविदा अवधि को बढ़ाया जा सकता है।
संविदा अवधि के दौरान किसी भी पक्ष द्वारा तीन माह पूर्व सूचना या तीन माह का वेतन देकर अनुबंध समाप्त किया जा सकेगा। अवधि समाप्त होने पर समिति बिना पूर्व सूचना के सेवा समाप्त करने का अधिकार रखेगी। अंतिम चयन सूची जारी होने के बाद तैयार की गई प्रतीक्षा सूची एक वर्ष तक वैध रहेगी।
संविदा शिक्षकों को उनके पद के अनुसार शासन द्वारा निर्धारित मासिक वेतन दिया जाएगा, हालांकि उन्हें किसी प्रकार का अतिरिक्त भत्ता जैसे महंगाई भत्ता, गृहभाड़ा या वार्षिक वेतन वृद्धि नहीं मिलेगी। नियुक्त अभ्यर्थी को पदभार ग्रहण करने के सात दिनों के भीतर शासकीय मेडिकल बोर्ड का फिटनेस प्रमाणपत्र प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा।
स्कूल शिक्षा विभाग ने अभ्यर्थियों को सलाह दी है कि वे विज्ञापन और अद्यतन जानकारी के लिए नियमित रूप से संबंधित विभागीय पोर्टल का अवलोकन करते रहें, ताकि आवेदन प्रक्रिया से जुड़ी किसी भी महत्वपूर्ण सूचना से वंचित न रहें।
राज्य सरकार द्वारा स्थापित स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूल अब छत्तीसगढ़ में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के मॉडल के रूप में उभर रहे हैं। विभाग का मानना है कि संविदा भर्ती की पारदर्शी प्रक्रिया से इन स्कूलों में शिक्षण गुणवत्ता और प्रशासनिक व्यवस्था को और सशक्त बनाया जा सकेगा

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