जामगांव आर । पाटन ब्लॉक की भरर ग्राम पंचायत इन दिनों प्रशासनिक अव्यवस्था और राजनीतिक खींचतान का बड़ा केंद्र बन गई है। हालात ऐसे हैं कि जनपद पंचायत के आदेशों की खुलेआम अनदेखी हो रही है, जबकि जिम्मेदार अधिकारी अपने ही फैसलों को लागू कराने में असहाय नजर आ रहे हैं।
मामले की शुरुआत ग्राम पंचायत पतोरा से स्थानांतरित सचिव महेंद्र साहू से होती है, जिन्हें पहले जामगांव आर, फिर पहडोर और अंततः भरर पंचायत में पदस्थ किया गया। लेकिन हैरानी की बात यह है कि जनपद पंचायत पाटन द्वारा जारी आदेश के डेढ़ माह बाद भी उन्हें भरर पंचायत का प्रभार नहीं मिल सका है। इससे जनपद के आदेशों की गंभीरता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। उधर, भरर पंचायत में पूर्व सचिव के निलंबन के बाद से पंचायत पूरी तरह सचिव विहीन बनी हुई है। नये सचिव को चार्ज नहीं मिलने के कारण पंचायत का कामकाज ठप पड़ गया है, जिससे विकास कार्यों पर सीधा असर पड़ रहा है।वहीं स्थानीय ग्रामीण पंचायत प्रतिनिधियों की हठधर्मिता से भी नाराज दिखाई दे रहे हैं।
सरपंच कौशिल्या साहू ने अपने बचाव में कहा कि सचिव के अभाव में पंचायत को आर्थिक नुकसान से बचाने के लिए पंचों की सहमति से नीलामी की प्रक्रिया अपनाई गई। वहीं उन्होंने नए सचिव को चार्ज नहीं मिलने पर वैकल्पिक सचिव की नियुक्ति की मांग भी रखी। इस संबंध में जनपद सीईओ जागेंद्र साहू ने स्पष्ट किया कि बाजार नीलामी मामले की जांच रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। साथ ही सचिव को एकतरफा चार्ज दिलाने की प्रक्रिया भी अपनाई जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि प्रशासनिक आदेशों की बार-बार अवहेलना किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है।
• CEO का आदेश बेअसर-
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, इससे पहले भी सचिव प्रदीप चंद्राकर को यहां पदस्थ करने का आदेश जारी हुआ था लेकिन उन्हें भी पंचायत में कार्यभार नहीं दिया गया। अब महेंद्र साहू ने जनपद सीईओ के आदेश पर ज्वाइन तो कर लिया है, लेकिन पंचायत स्तर पर उन्हें चार्ज सौंपने में लगातार टालमटोल की जा रही है। पूरे घटनाक्रम ने जनपद पंचायत और ग्राम पंचायत के बीच टकराव को उजागर कर दिया है। जनपद अपने अधीनस्थ पंचायत से आदेश का पालन नहीं करवा पा रहा, जिससे प्रशासनिक व्यवस्था की किरकिरी हो रही है।
• बिना सचिव और रिकॉर्ड के बाजार नीलामी पर जांच-
इसी बीच एक और विवाद सामने आया है, जहां सरपंच कौशिल्या साहू द्वारा बिना सचिव और आधिकारिक रिकॉर्ड के साप्ताहिक बाजार की नीलामी कर दी गई। मामला सामने आते ही जनपद सीईओ ने इसे नियम विरुद्ध बताते हुए जांच के आदेश जारी कर दिए। सोमवार को जांच दल भरर पहुंचा और सरपंच सहित पंचायत पदाधिकारियों के बयान दर्ज किए गए।