बालोद | बालोद जिला पंचायत में एक विवादित घटना के बाद सियासी माहौल गरमा गया है। जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित बैठक के बाद सरपंच संघ के जिलाध्यक्ष सहित अन्य पदाधिकारियों के जिपं अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सदस्यों की कुर्सियों पर बैठने का मामला सामने आया है, जिस पर कड़ी आपत्ति जताई गई है। जिला पंचायत अध्यक्ष तारिणी पुष्पेंद्र चंद्राकर ने इस घटना को लोकतंत्र, महिला सम्मान और संवैधानिक व्यवस्था का अपमान बताया है। उन्होंने कहा कि यह गंभीर मामला है और इसकी जांच कराई जानी चाहिए कि संबंधित पदाधिकारी अनुमति लेकर कुर्सियों पर बैठे थे या बिना अनुमति के ऐसा किया गया। घटना सोमवार को हुई बैठक के बाद की बताई जा रही है। सभाकक्ष में कुर्सियों को लेकर सामने आए इस घटनाक्रम ने प्रशासनिक व्यवस्था और प्रोटोकॉल पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जिपं अध्यक्ष ने कहा कि वह इस मामले की शिकायत पंचायत मंत्री, विभागीय सचिव और संभागीय कमिश्नर से करेंगी, ताकि जिम्मेदार लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जा सके। उन्होंने आरोप लगाया कि जिला पंचायत के अधिकारी ऐसे कार्य कर रहे हैं, जो पहले कभी नहीं हुए और इससे संस्थागत गरिमा को ठेस पहुंच रही है। इस मामले के सामने आने के बाद स्थानीय राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है और अब सभी की नजर प्रशासनिक जांच और संभावित कार्रवाई पर टिकी हुई है।