रायपुर। देश के शीर्ष पुलिस और सुरक्षा अधिकारियों का तीन दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन — All-India DGP-IGP Conference — 28 से 30 नवंबर 2025 के बीच IIM Raipur परिसर, नया रायपुर में आयोजित होगा। इस प्रतिष्ठित सम्मेलन में भाग लेने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल पहुंचेंगे। सम्मेलन के दौरान, नया रायपुर उच्च-सुरक्षा क्षेत्र घोषित कर दिया गया है। विशेष सुरक्षाबल Special Protection Group (SPG), अन्य केंद्र व राज्य सुरक्षा एजेंसाओं के साथ मिलकर वीआईपी सुविधाओं, आवास-पथ और यातायात पर पूरी निगरानी रखेगा,इस दौरान आयोजन स्थल, एयरपोर्ट, प्रमुख सड़क मार्ग और अतिथि निवास स्थानों पर सुरक्षा के पुख्ता इंतज़ाम होंगे, विधानसभा अध्यक्ष डॉ Raman Singh के सरकारी आवास को अस्थायी PMO के रूप में चुना गया है — जहाँ प्रधानमंत्री तथा अन्य वरिष्ठ अतिथि रुकेंगे।
* सम्मेलन का एजेंडा — क्या होगा चर्चा में
सम्मेलन के दौरान निम्नलिखित प्रमुख विषयों पर चर्चा होगी,आंतरिक सुरक्षा, आतंकवाद-विरोधी रणनीतियाँ तथा नक्सलवाद/इसके प्रभावी नियंत्रण पर उपाय। विशेष रूप से Left‑Wing Extremism (LWE) से निपटने की रणनीति प्रमुख होगी। साइबर सुरक्षा, ड्रग्स नियंत्रण, सीमा सुरक्षा, राज्यों व केंद्रों के बीच समन्वय, तथा आधुनिक पुलिसिंग व कानून-व्यवस्था प्रबंधन। हर राज्य पुलिस प्रमुख (DGP/IGP) अपने-अपने राज्यों की अपराध नियंत्रण, सुधारात्मक एवं नवीन पहल का ब्योरा प्रस्तुत करेंगे। सम्मेलन के अंतिम चरण में एक मॉडल-स्टेट चयन कर आम दिशा-निर्देश जारी किए जा सकते हैं।
* संरचना — कैसे चलेगा सम्मेलन
सम्मेलन 28 नवंबर को उद्घाटन होगा, जिसकी शुरुआत केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह करेंगे। दूसरी तरफ, 30 नवंबर को समापन सत्र में प्रधानमंत्री मोदी हिस्सा लेंगे, जो राष्ट्रीय सुरक्षा व पुलिस सुधारों पर दिशा-निर्देश देंगे। पहले दिन 2 सत्र, दूसरे दिन 4 और तीसरे दिन 2 सत्र आयोजित होंगे।
* राज्य व केंद्र की नज़र: छत्तीसगढ़ की भूमिका क्यों महत्वपूर्ण
यह पहली बार है कि छत्तीसगढ़ में इस प्रतिष्ठित राष्ट्रीय पुलिस सम्मेलन की मेजबानी हो रही है — यह राज्य की बढ़ती सुरक्षा महत्वता व राष्ट्रीय सन्दर्भ में उसकी जगह को दर्शाता है। राज्य में हाल ही में नक्सलवाद एवं वामपंथी उग्रवाद के खिलाफ सक्रिय कदमों और सफलता को देखते हुए, इस सम्मेलन को नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में आने वाले दिनों की रणनीति तय करने का अवसर माना जा रहा है।