रायपुर। छत्तीसगढ़ में एक बार फिर कोविड-19 संक्रमण के मामले सामने आ रहे हैं, लेकिन राहत की बात यह है कि वर्तमान में अधिकांश संक्रमितों में केवल सामान्य सर्दी-खांसी, हल्का बुखार और गले में खराश जैसे हल्के लक्षण ही देखे जा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार अस्पताल में भर्ती की जरूरत अब तक नहीं पड़ी है और संक्रमितों की स्थिति सामान्य बनी हुई है।
50 मामलों की पुष्टि, 1183 की जांच
अब तक राज्य में कुल 1183 व्यक्तियों की कोविड जांच की गई, जिनमें से 50 लोग संक्रमित पाए गए हैं। सभी मामलों में संक्रमण के लक्षण हल्के हैं और किसी भी मरीज की हालत गंभीर नहीं है। स्वास्थ्य विभाग ने यह स्पष्ट किया है कि केवल गंभीर लक्षणों वाले मरीजों को अस्पताल में भर्ती करने के निर्देश दिए गए हैं।
संपर्क की पहचान और निगरानी जारी
आयुक्त सह संचालक, स्वास्थ्य सेवाएं ने बताया कि संक्रमित व्यक्तियों के संपर्क में आए लोगों की पहचान कर उनकी जांच की जा रही है। साथ ही संबंधित क्षेत्रों में स्वास्थ्य टीमों द्वारा सर्वेक्षण कर लक्षण वाले लोगों की स्क्रीनिंग की जा रही है। यदि किसी में गंभीर लक्षण पाए जाते हैं तो उसे उपचार के लिए अस्पताल भेजा जा रहा है।
राज्यभर में मॉक ड्रिल: सभी अस्पताल तैयार
5 जून को राज्यभर के अस्पतालों में कोविड रोकथाम की तैयारियों की समीक्षा के लिए मॉक ड्रिल आयोजित की गई। सभी जिलों में स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई और आवश्यक निर्देश जारी किए गए। स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने सभी मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारियों, सिविल सर्जनों एवं मेडिकल कॉलेज अस्पतालों को सघन निगरानी और समय पर सैंपल परीक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
सतर्क रहें, लेकिन भयभीत न हों
भारत सरकार के विशेषज्ञों ने नागरिकों से अपील की है कि कोविड-19 के वर्तमान स्वरूप में लक्षण सामान्य फ्लू जैसे हैं, इसलिए घबराने की आवश्यकता नहीं है। राज्य सरकार ने मौसमी बीमारियों और कोविड दोनों से निपटने के लिए पूरी तैयारी कर ली है। अस्पतालों में पर्याप्त दवाएं, जांच सुविधाएं और चिकित्सकीय संसाधन उपलब्ध हैं।
स्वास्थ्य विभाग की अपील:
यदि किसी में सर्दी-जुकाम, बुखार या गले में खराश जैसे लक्षण हों, तो वह नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में संपर्क करें। सरकार ने नागरिकों से अपील की है कि वे अफवाहों से बचें, मास्क, हाथ की स्वच्छता और सामाजिक दूरी जैसे सावधानियों को अपनाएं और किसी भी लक्षण को नजरअंदाज न करें।