
अंडा। धर्म ज्योति सनातन सेवा समिति दुर्ग ग्रामीण के तत्वावधान में ग्राम बोरीगारका में जारी श्रीराम कथा में पंडित युवराज पांडेय ने श्रीरामचरित मानस के विभिन्न प्रसंगों के माध्यम से श्रद्धालुओं को जीवन में ज्ञान, विनम्रता और सदाचार का संदेश दे रहे हैँ,आचार्य पंडित युवराज पांडेय ने कहा कि संसार श्रीराम का भजन करता है, लेकिन प्रभु श्रीराम स्वयं भरत का भजन करते हैं। उन्होंने कहा कि यही रामचरित मानस की महिमा है, जो केवल धार्मिक ग्रंथ नहीं बल्कि मनुष्य के चरित्र और जीवन मूल्यों का दर्शन कराता है।
नारद और जय-विजय प्रसंग से अहंकार से बचने का संदेश
कथा के दौरान आचार्य ने नारद प्रसंग, जय-विजय के रावण अवतार और मनु-शतरूपा की कथा का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि केवल ज्ञानी बनना महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि ज्ञान प्राप्त होने के बाद भी अहंकार से दूर रहना बड़ी बात है। उन्होंने श्रद्धालुओं से कहा कि आध्यात्मिक साधना और सिद्धियों को प्रदर्शन का माध्यम नहीं बनाना चाहिए। सिद्धियों को हमेशा गोपनीय रखना चाहिए, क्योंकि अहंकार व्यक्ति के ज्ञान और साधना दोनों को प्रभावित कर सकता है।
केवल नारे नहीं, घर-घर गौ पालन का आह्वान
कथा के दौरान गौ महिमा का भी वर्णन किया गया। आचार्य ने कहा कि सनातन परंपरा में गौ माता का विशेष महत्व है और उनमें देवी-देवताओं का वास माना गया है। उन्होंने श्रद्धालुओं से केवल गौ संरक्षण के नारे लगाने के बजाय अपने-अपने घरों में गौ पालन और गौ सेवा को अपनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि गौ सेवा को व्यवहार और दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने की आवश्यकता है।
कई जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक हुए शामिल
कार्यक्रम में पूर्व गृहमंत्री ताम्रध्वज साहू, पूर्व मंत्री रमशीला साहू, पूर्व विधायक डॉ. दयाराम साहू, पद्मश्री डॉ. ममता चंद्राकर, प्रेम चंद्राकर, हर्ष, प्रेमचंद, पूर्व जिला पंचायत उपाध्यक्ष अशोक साहू, सरस्वती साहू, डिकेन्द्र हिरवानी, योगिता चंद्राकर, लक्ष्मी साहू, झमित गायकवाड़, धर्मेंद्र बंजारे, राकेश हिरवानी, कमलेश, योगनारायण, वेदनारायण, रामसिंह सोनबोइर, चुम्मन यादव, जागेश्वर, राजेश, गिरीश और दुष्यंत सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। कार्यक्रम का मंच संचालन दीपक कौशिक ने किया।