
YC न्यूज़ डेस्क । एशियन पैरा गेम्स 2026 में भारतीय पैरा तीरंदाज शीतल देवी ने शानदार प्रदर्शन कर देश का गौरव बढ़ाया है। महिला कंपाउंड तीरंदाजी के क्वालिफिकेशन राउंड में उन्होंने 720 में से 704 अंक हासिल कर विश्व रिकॉर्ड की बराबरी की और नया एशियाई रिकॉर्ड बनाया। वहीं, युवा तीरंदाज पायल नाग ने भी अपने पहले एशियन पैरा गेम्स में प्रभावशाली प्रदर्शन करते हुए 675 अंक हासिल किए।.दोनों खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन से भारतीय तीरंदाजी टीम को बड़ी बढ़त मिली। महिला कंपाउंड डबल्स रैंकिंग राउंड में शीतल देवी और पायल नाग की जोड़ी ने कुल 1,379 अंक हासिल कर पहला स्थान प्राप्त किया।
704 अंकों के साथ शीतल देवी का दमदार प्रदर्शन
19 अक्टूबर को हुए महिला कंपाउंड तीरंदाजी क्वालिफिकेशन राउंड में शीतल देवी ने सटीक निशाने लगाते हुए 704 अंक हासिल किए। इस प्रदर्शन के साथ उन्होंने विश्व रिकॉर्ड की बराबरी की और एशियाई रिकॉर्ड अपने नाम किया। उन्होंने रैंकिंग राउंड में भी शीर्ष स्थान हासिल किया।.शीतल देवी इससे पहले भी अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का नाम रोशन कर चुकी हैं। हांगझोऊ में आयोजित 2022 एशियन पैरा गेम्स में उन्होंने स्वर्ण पदक जीता था। इसके अलावा, पेरिस पैरालंपिक 2024 में मिश्रित टीम स्पर्धा में कांस्य पदक जीतकर अपनी प्रतिभा साबित की थी।
पायल नाग ने पदार्पण में हासिल किए 675 अंक
भारतीय तीरंदाज पायल नाग ने अपने पहले एशियन पैरा गेम्स में 675 अंक हासिल कर पांचवां स्थान प्राप्त किया। उनका प्रदर्शन भी भारतीय टीम के लिए उत्साहजनक रहा। शीतल देवी के 704 और पायल नाग के 675 अंकों को मिलाकर भारतीय जोड़ी ने महिला कंपाउंड डबल्स रैंकिंग राउंड में 1,379 अंक हासिल किए और शीर्ष स्थान पर जगह बनाई।
अब अगले मुकाबलों पर देश की नजरें
क्वालिफिकेशन राउंड में शानदार प्रदर्शन के बाद भारतीय जोड़ी से अगले दौर में भी बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद है। उपलब्ध कार्यक्रम के अनुसार, दोनों खिलाड़ियों को 20 अक्टूबर को महिला कंपाउंड डबल्स क्वार्टरफाइनल में उतरना था। मुकाबले का परिणाम जानने के लिए नवीनतम आधिकारिक अपडेट देखना जरूरी है।
भारतीय खेल प्रतिभा की प्रेरक कहानी
शीतल देवी और पायल नाग का प्रदर्शन बताता है कि दृढ़ संकल्प, निरंतर अभ्यास और आत्मविश्वास के दम पर अंतरराष्ट्रीय मंच पर बड़ी उपलब्धियां हासिल की जा सकती हैं। दोनों खिलाड़ियों ने अपने प्रदर्शन से भारतीय पैरा खेलों को नई पहचान दी है। अब खेल प्रेमियों की नजरें अगले मुकाबलों और भारतीय जोड़ी के आगे के सफर पर टिकी हैं।