रायपुऱ। आगामी महीनों में राजनीतिक सरगर्मी और तेज होने जा रही है। सत्ताधारी दल भाजपा और प्रमुख विपक्षी पार्टी कांग्रेस अपने-अपने संगठन को मजबूत करने के लिए बड़े स्तर पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने जा रही हैं। जहां भाजपा कार्यकर्ताओं को वैचारिक अधिष्ठान के साथ एआई और सोशल मीडिया का प्रशिक्षण देगी, वहीं कांग्रेस जिलाध्यक्षों को 10 दिवसीय महाप्रशिक्षण के जरिए संगठन को सशक्त करने और सत्ता में वापसी की रणनीति सिखाएगी।
भाजपा का ‘पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाअभियान 2026’
मंगलवार को भाजपा के प्रदेश कार्यालय कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में ‘पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाभियान 2026’ की प्रांतीय कार्यशाला आयोजित की गई। इस अवसर पर संगठन पदाधिकारियों ने कार्यकर्ताओं को वैचारिक रूप से मजबूत करने के साथ-साथ तकनीकी रूप से दक्ष बनाने की रणनीति तैयार की। प्रदेश संगठन महामंत्री पवन साय ने कहा कि यह प्रशिक्षण महाअभियान मंडल स्तर तक आयोजित किया जाएगा। पार्टी का संकल्प है कि Deendayal Upadhyaya के विचारों को जन-जन तक पहुंचाकर राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया को और सशक्त बनाया जाए।
पश्चिम-मध्य क्षेत्रीय संयोजक केसी पटेल ने बताया कि 7 मार्च से 14 अप्रैल तक देशभर के ग्रामीण और शहरी मंडलों में अभ्यास वर्ग आयोजित होंगे। इसके बाद 15 अप्रैल से जिलास्तरीय प्रशिक्षण शुरू किया जाएगा। प्रदेश अध्यक्ष किरण देव ने बताया कि प्रशिक्षण के लिए सात प्रमुख विषय निर्धारित किए गए हैं। इनमें भाजपा की विचारधारा, जनसंघ से लेकर भाजपा तक का सफर, आदर्श कार्य-पद्धति, केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने की रणनीति, एआई व सोशल मीडिया का प्रभावी उपयोग और कार्यकर्ताओं की प्रतिभा निखारने के लिए सांस्कृतिक सत्र शामिल हैं।
कांग्रेस का 10 दिवसीय महाप्रशिक्षण कार्यक्रम
दूसरी ओर, 10 फरवरी को नई दिल्ली में आयोजित बैठक में Rahul Gandhi और Mallikarjun Kharge ने कांग्रेस जिलाध्यक्षों को संगठन का सबसे बड़ा नेता बताते हुए उन्हें सभी को साथ लेकर चलने की नसीहत दी। पार्टी मार्च महीने में 10 दिवसीय महाप्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने जा रही है।इस प्रशिक्षण में छत्तीसगढ़ समेत दो अन्य प्रदेशों के जिलाध्यक्ष शामिल होंगे। कार्यक्रम के दौरान एक दिन सभी जिलाध्यक्षों को अपने परिवार के साथ उपस्थित होना अनिवार्य किया गया है। बताया गया है कि जिस दिन राहुल गांधी मार्गदर्शन देंगे, उसी दिन परिवार की उपस्थिति सुनिश्चित की जाएगी। कांग्रेस का यह प्रशिक्षण केवल संगठनात्मक कौशल तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसमें नेतृत्व विकास, विचारधारा की समझ, चुनावी रणनीति, जनसंपर्क और संगठन विस्तार जैसे विषयों पर भी गहन मंथन होगा।