“पानी पर दौड़ी जिंदगी की रफ्तार : 10 मिनट में सर्पदंश पीड़ित का रेस्क्यू, 32 गांवों के लिए वरदान बनी वाटर एंबुलेंस”

धमतरी। छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में शुरू की गई अनोखी वाटर एंबुलेंस सेवा अब दूरस्थ ग्रामीण इलाकों के लिए जीवनदायिनी साबित हो रही है। जिला प्रशासन की पहल पर शुरू हुई यह सेवा खासकर गंगरेल डैम के आसपास बसे गांवों के लोगों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। इस सेवा की उपयोगिता का ताजा उदाहरण हाल ही में सामने आया, जब ठेमली आइलैंड में काम कर रहे एक मजदूर को सांप ने काट लिया। घटना की सूचना मिलते ही वाटर एंबुलेंस तुरंत सक्रिय हुई और महज 10 मिनट के भीतर मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू कर दिया गया। पानी के बीच फंसे पीड़ित को सुरक्षित बाहर निकालकर प्राथमिक उपचार दिया गया और समय रहते अस्पताल पहुंचाया गया।

पहले इन इलाकों के ग्रामीणों को इलाज के लिए करीब 40 से 50 किलोमीटर तक का लंबा सफर तय करना पड़ता था। सड़क मार्ग की कमी और दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के कारण कई बार मरीजों की हालत गंभीर हो जाती थी। लेकिन अब इस वाटर एंबुलेंस के जरिए आपात स्थिति में कुछ ही मिनटों में मदद उपलब्ध हो रही है। जिला कलेक्टर अविनाश मिश्रा की पहल पर शुरू की गई यह सेवा 32 से अधिक गांवों के हजारों लोगों के लिए राहत लेकर आई है। खासकर सर्पदंश, दुर्घटना और अन्य आपात स्थितियों में यह एंबुलेंस तेजी से जीवन बचाने का माध्यम बन रही है।

प्रशासन का कहना है कि इस पहल का उद्देश्य दूरस्थ और पहुंचविहीन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भी समय पर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है। आने वाले समय में इस सेवा को और विस्तार देने की योजना है, ताकि अधिक से अधिक ग्रामीणों को इसका लाभ मिल सके। यह पहल न सिर्फ स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार का उदाहरण है, बल्कि यह भी दिखाती है कि सही योजना और इच्छाशक्ति से दुर्गम क्षेत्रों में भी जीवन बचाने की व्यवस्था मजबूत की जा सकती है।

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