रायपुर, 24 अप्रैल 2026। छत्तीसगढ़ में निजी स्कूलों की मनमानी पर अब शासन ने कड़ा रुख अपनाया है। मुख्य सचिव विकासशील द्वारा जारी दो अहम आदेशों ने स्पष्ट कर दिया है कि शिक्षा के नाम पर अभिभावकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालने की प्रवृत्ति अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जारी निर्देशों में फीस नियंत्रण के साथ-साथ ड्रेस, किताब और स्टेशनरी की अनियमितताओं पर भी सख्ती बरतने को कहा गया है। सभी कलेक्टरों और जिला शिक्षा अधिकारियों (DEO) को इन नियमों के सख्त पालन के निर्देश दिए गए हैं।
सरकार को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि कई निजी स्कूल, छात्रों को NCERT की जगह निजी प्रकाशकों की महंगी किताबें खरीदने के लिए मजबूर कर रहे हैं। इतना ही नहीं, कुछ स्कूलों द्वारा अभिभावकों को निर्धारित दुकानों से ही किताबें और यूनिफॉर्म खरीदने के लिए बाध्य किया जा रहा था।
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि सीजी बोर्ड से संबद्ध स्कूलों में कक्षा 1 से 10वीं तक SCERT और छत्तीसगढ़ पाठ्यपुस्तक निगम द्वारा प्रकाशित किताबें विद्यार्थियों को निःशुल्क उपलब्ध कराई जाती हैं। ऐसे में किसी भी छात्र या अभिभावक को निजी प्रकाशकों की पुस्तकें खरीदने के लिए मजबूर करना नियमों के विरुद्ध है। सरकार ने साफ कहा है कि यदि कोई स्कूल इन निर्देशों का उल्लंघन करता पाया गया, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।